वाराणसी: स्टांप पंजीयन मंत्री के इस बयान से अधिवक्ताओं में आक्रोश, कहा- 31 मई से बंद करेंगे रजिस्ट्री ऑफिस
उत्तर प्रदेश के स्टांप एवं पंजीयन व राज्य मंत्री रवींद्र जायसवाल के एक बयान से अधिवक्ताओं में आक्रोश है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि राज्य मंत्री ने इस बयान को वापस नहीं लिया तो सोमवार (31 मई) से पूरे रजिस्ट्री ऑफिस की तालाबंदी की जाएगी।
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बनारस बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं की बैठक बृहस्पतिवार को सभागार में हुई। इसमें प्रदेश के स्टांप पंजीयन व राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल के उस बयान की निंदा की, जिसमें उन्होंने बगैर अधिवक्ताओं के रजिस्ट्री कराने के लिए कहा है।
बनारस बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद कुमार पांडेय ने चेताया कि यदि राज्य मंत्री ने इस बयान को शनिवार तक वापस नहीं लिया तो सोमवार से पूरे रजिस्ट्री ऑफिस की तालाबंदी की जाएगी। उधर, सेंट्रल बार अध्यक्ष अशोक कुमार उपाध्याय ने कहा कि राज्य मंत्री ने अधिवक्ताओं को उकसाने वाला बयान दिया है।
अगर बयान वापस नहीं लिया गया तो जिले के अधिवक्ता आंदोलन के साथ ही रजिस्ट्री का कामकाज ठप कराने के लिए बाध्य होंगे। बैठक में बनारस व सेंट्रल बार महामंत्री द्वय विवेक कुमार सिंह व कन्हैया लाल पटेल, पदाधिकारी सत्येंद्र श्रीवास्तव, राजा आनंद ज्योति सिंह, विनय सिंह पिंटू, अशोक कुमार, अनुराग पांडेय, कृष्णमोहन पांडेय, गुड्डू, सुनील मिश्र, सुभाष नन्दन चतुर्वेदी आदि अधिवक्ता शामिल रहे।
अधिवक्ताओं का दर्द नहीं समझ रहे राज्यमंत्री
स्टांप व पंजीयन मंत्री खुद एक अधिवक्ता है, ऐसे में उन्हें अधिवक्ताओं की पीड़ा को समझना चाहिए, लेकिन शायद उन्हें कोई लेना देना नहीं है। स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल ने मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद व बरेली मंडल के निर्वाचन अधिकारियों के साथ हुई वर्चुअल बैठक में जिस प्रकार अधिवक्ताओं के बगैर रजिस्ट्री कार्य संपादित कराने का निर्देश दिया है, वह गैर जिम्मेदाराना है।
ये बातें अधिवक्ता विकास सिंह ने बृहस्पतिवार को वर्चुअल बैठक के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि किसी तरह अधिवक्ता रोजी रोटी चला रहे हैं तो उसके पेट पर लात मारने की तैयारी प्रदेश सरकार ने कर ली है।