Varanasi: वर्चुअल वर्ल्ड में आपकी जागरूकता ही आपको अपराध से बचाएगी, ADCP वरुणा जोन ने छात्रों से किया संवाद
एडीसीपी वरुणा जोन ने ग्लेनहिल स्कूल के छात्र-छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि वर्चुअल वर्ल्ड में आपकी जागरूकता ही आपको अपराध से बचाएगी। सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय अधिक सतर्कता बरतें।
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वर्चुअल वर्ल्ड में आपकी जागरूकता ही आपका बचाव करेगी। आपको साइबर फ्रॉड से बचाएगी। सोशल मीडिया का इस्तेमाल करें या ऑनलाइन शॉपिंग करें या गूगल पर कुछ भी सर्च करें, अतिरिक्त सतर्कता हमेशा बरतें। ये नसीहत एडीसीपी वरुणा जोन/अपराध सरवणन टी. ने मंडुवाडीह स्थित ग्लेनहिल स्कूल के छात्र-छात्राओं को दी। वह अमर उजाला फांडेशन की ओर से स्कूल में आयोजित पुलिस की पाठशाला में छात्र-छात्राओं से संवाद कर रहे थे।
एडीसीपी ने कहा कि 13 से 18 वर्ष के बच्चों के साथ ऑनलाइन गेमिंग के दौरान साइबर ठगी होने का खतरा रहता है। ऑनलाइन गेमिंग का टास्क पूरा करने के दौरान मोबाइल से सारी गोपनीय जानकारी हैकर जुटा लेते हैं। उस डेटा का फिर वे दुरुपयोग करते हैं। इसलिए खुद से संबंधित निजी जानकारी किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कतई साझा न करें।
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में डिजिटल अरेस्ट का खतरा बढ़ा है। साइबर क्रिमिनल खुद को पुलिस या सीबीआई या सीबीसीआईडी से बताते हुए लोगों को कॉल करते हैं। फिर, वीडियो कॉल कर उसे ऐसा दृश्य दिखाते हैं कि वह मान लें कि सही में ही किसी एजेंसी ने उन्हें कॉल किया है। फिर, धमकाते हुए जांच के बहाने सारी जानकारी लेकर अपने खाते में पैसा ट्रांसफर करा लेते हैं। इसलिए आप सभी छात्र-छात्राएं अपने घर के बड़े-बुजुर्गां को समझाएं कि कभी कोई पुलिस, सीबीआई, क्राइम ब्रांच या किसी भी अन्य एजेंसी का अधिकारी बनकर फोन करे तो कतई घबराएं नहीं। उसके बारे में तत्काल पुलिस को सूचना दें।
यूपी पुलिस के आपातकालीन नंबर 112 को आप हमेशा याद रखें। छात्राएं विशेष रूप से 1090 नंबर याद रखें और अपनी समस्या बेहिचक बताएं। उनका नाम-पता गोपनीय रखा जाएगा। साइबर क्राइम का शिकार होने पर 1930 पर कॉल करें या फिर cybercrime.gov.in पर तत्काल शिकायत दर्ज कराएं। इससे पहले एडीसीपी का स्वागत प्रधानाचार्य दिलीप मिश्र ने किया।
घबराएं नहीं, शोर मचाएं
सवाल: यौन हिंसा से बचाव के लिए हम तत्काल क्या करें। - वैष्णवी त्रिपाठी
जवाब: तत्काल शोर मचाएं। आपके प्रिंसिपल से अनुरोध है कि सभी को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण अच्छे से दिलाएं। बैग में हमेशा पिपर स्प्रे रखें।
सवाल: साइबर क्राइम होने पर उसकी शिकायत कहां दर्ज कराएं। - ख्याति शर्मा
जवाब: 1930 नंबर, cybercrime.gov.in या फिर पुलिस लाइन स्थित साइबर क्राइम पुलिस थाने या अपने नजदीकी थाने में प्रार्थना पत्र दे सकते हैं।
सवाल: कौन सी सामग्री सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर साझा करने से वह अपराध की श्रेणी में आ जाती है। - स्पर्श
जवाब: किसी की आपत्तिजनक तस्वीर, उसके संबंध में आपत्तिजनक लेख सोशल मीडिया पर साझा नहीं करना चाहिए। हम अपनी निजता को सुरक्षित रखें और दूसरों की निजता का सदैव सम्मान करें।