Varanasi: बीएचयू में देर से वेतन बांटने वाली एजेंसियों की अब खैर नहीं, विशेष प्रकोष्ठ का किया गया गठन
बीएचयू में 1800 आउटसोर्सिंग कर्मी हैं, जो विभिन्न कार्यालयों में तैनात हैं। काफी समय से एजेंसियों द्वारा कर्मियों को समय पर वेतन नहीं देने की शिकायत मिल रही थी। इसे लेकर कुलपति विशेष प्रकोष्ठ का गठन किया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन, ईएसआई और ईपीएफ का भुगतान करने वाली एजेंसियों की अब खैर नहीं है। कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन ने कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण के लिए विशेष प्रकोष्ठ का गठन किया है। प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर नरिंदर सिंह को दी गई है। केंद्रीय कार्यालय के नवीन प्रशासनिक भवन से प्रकोष्ठ चल रहा है।
बीएचयू में 1800 आउटसोर्सिंग कर्मी हैं, जो विभिन्न कार्यालयों में तैनात हैं। काफी समय से एजेंसियों द्वारा कर्मियों को समय पर वेतन नहीं देने की शिकायत मिल रही थी। ईपीएफ व ईएसआई के भुगतान में भी देरी की जाती है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कुलपति ने समाधान निकालने के दिशानिर्देश जारी किए।
कुलपति ने कहा आउटसोर्सिंग कर्मी विश्वविद्यालय के कामकाज का महत्वपूर्ण अंग हैं। ये वास्तविकता है कि कई महत्वपूर्ण विभाग व सेवाएं पूरी तरह से आउटसोर्सिंग कर्मियों पर निर्भर हैं। ऐसे में हमें उनकी दिक्कतों और समस्याओं को समझना होगा।
ये भी पढ़ें: पति ही निकला ब्लैकमेलर: अश्लील वीडियो भेजकर मांगता था रुपये, एक साल पहले किया था प्रेम विवाह, छह माह से थे अलग
पीएफ के 400 से ज्यादा मामलों की समीक्षा पूरी
नरिंदर सिंह ने बताया कि पिछले एक महीने में हमने पीएफ के 400 से ज्यादा मामलों की समीक्षा पूरी की है। 600 ईएसआईसी फॉर्म भी कर्मचारियों को उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने आउटसोर्सिंग कर्मियों से अपील की है कि वह प्रकोष्ठ को अपनी समस्याओं से अवगत कराएं ताकि उनका निराकरण किया जा सके।