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वाराणसी: फर्जी इंटर्न की खबर
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बीएचयू अस्पताल में फर्जी इंटर्नड्यूटी करने के मामले में एक नहीं दो जांच समिति बनी है लेकिन, घटना के 25 दिन बाद भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। इस तरह की स्थिति तब है, जब एक जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट दे दी हैं और दूसरी समिति ने आरोपियों के बयान दर्ज करने के साथ ही अन्य साक्ष्यों का अवलोकन कर लिया है।
अस्पताल में इमरजेंसी के साथ ही ट्रॉमा सेंटर, एमसीएच विंग में दूसरे से ड्यूटी कराने वाले आईएमएस बीएचयू के डॉक्टर (एमबीबीएस इंटर्न) डॉ. शुभम, डॉ. नितिन, डॉ. सौमिक डे, डॉ. कृति अरोड़ा और तीन फर्जी इंटर्न अभिषेक, मोहित और प्रीति चौहान पर भी 20 जनवरी को लंका थाने में जालसाजी, धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज है। पुलिस तो मामले की जांच कर रही है लेकिन बीएचयू प्रशासन की ओर से दो समिति गठित की गई है। प्रो. संजीव गुप्ता की अध्यक्षता वाली पहली समिति ने अपनी रिपोर्ट भी सौंप दी है। इसके अलावा प्रो. संजय गुप्ता की समिति की जांच की प्रक्रिया तो पूरी हो चुकी है, अब अस्पताल प्रशासन को रिपोर्ट दी जानी है। पिछले दिनाें छात्रों ने भी इस मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय, स्वास्थ्य मंत्री को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की थी। इस बीच घटना के 25 दिन बाद भी कार्रवाई न होने को लेकर सवाल खड़ा होने लगे हैं।
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अस्पताल में इमरजेंसी के साथ ही ट्रॉमा सेंटर, एमसीएच विंग में दूसरे से ड्यूटी कराने वाले आईएमएस बीएचयू के डॉक्टर (एमबीबीएस इंटर्न) डॉ. शुभम, डॉ. नितिन, डॉ. सौमिक डे, डॉ. कृति अरोड़ा और तीन फर्जी इंटर्न अभिषेक, मोहित और प्रीति चौहान पर भी 20 जनवरी को लंका थाने में जालसाजी, धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज है। पुलिस तो मामले की जांच कर रही है लेकिन बीएचयू प्रशासन की ओर से दो समिति गठित की गई है। प्रो. संजीव गुप्ता की अध्यक्षता वाली पहली समिति ने अपनी रिपोर्ट भी सौंप दी है। इसके अलावा प्रो. संजय गुप्ता की समिति की जांच की प्रक्रिया तो पूरी हो चुकी है, अब अस्पताल प्रशासन को रिपोर्ट दी जानी है। पिछले दिनाें छात्रों ने भी इस मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय, स्वास्थ्य मंत्री को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की थी। इस बीच घटना के 25 दिन बाद भी कार्रवाई न होने को लेकर सवाल खड़ा होने लगे हैं।
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