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फर्जी सहायक शिक्षक पर खंड शिक्षा अधिकारी ने दर्ज कराया मुकदमा
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वाराणसी/दानगंज। चोलापुर विकासखंड के उच्च प्राथमिक विद्यालय मुरेरी में फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी कर रहे शिक्षक पर शुक्रवार को खंड शिक्षा अधिकारी की तहरीर पर चोलापुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
प्रदेश में अनामिका शुक्ला मामले का खुलासा होने के बाद जिले में शिक्षकों के अभिलेखों की जांच की गई जिसमें उच्च प्राथमिक विद्यालय मुरेरी में 1998 से कार्यरत सहायक अध्यापक महात्मा यादव के अभिलेख फर्जी साबित हुए। जिसके बाद बीएसए ने उन्हें निलंबित करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी को फर्जी शिक्षक पर एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया था। इसी क्रम में शुक्रवार को चोलापुर खंड शिक्षा अधिकारी लाल जी की तहरीर पर चोलापुर पुलिस ने कूट रचना कर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी शिक्षक की तलाश में पुलिस दबिश देना शुरू कर दिया है । बताते चले कि चोलापुर ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय मुरेरी में सहायक अध्यापक महात्मा यादव मूल रूप से बलिया का निवासी हैं। बलिया के ही रहने वाले एक महात्मा यादव के नाम पर फर्जी तौर पर 1998 से नौकरी कर रहा था। चोलापुर में इनकी तैनाती दो जगहों पर हुई थी और वो सालों से विभाग के आंखों में धूल झोंक कर वेतन का लाभ ले रहे थे। बेसिक शिक्षा अधिकारी के जांच में महात्मा यादव के द्वारा एक पैन कार्ड से दो जगह से वेतन निकालें जाने का मामला प्रकाश में आया था। इस मामले में जब आरोपी शिक्षक को जांच समिति के सामने अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया गया तो वो अपने परिवार के साथ फरार हो गए। खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा उनके पते पर दो बार टीम भी भेजी गई, लेकिन कोई सूचना नही मिली। फोन पर जब उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई तो शिक्षक द्वारा मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया गया। खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि महात्मा यादव के द्वारा चंद्रावती उगापुर का पता दिया गया था। लेकिन आधार कार्ड में पहाड़पुर चोलापुर का पता है। महात्मा यादव के द्वारा सकलडीहा चंदौली में शिक्षा विभाग के द्वारा प्रशिक्षण लिया गया था। वही मुरेरी स्थित जूनियर हाई स्कूल के सहायक इंचार्ज के रूप में महात्मा यादव की तैनाती चल रही है। महात्मा यादव के भूमिगत होने पर विद्यालय की व्यवस्था भी सुस्त पड़ गई है। चोलापुर पुलिस ने महात्मा यादव के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है। जिसकी जांच पुलिस ने शुरू कर दी है। सूत्रों की मानें तो महात्मा यादव जांच के घेरे में फंसने के दौरान दानगंज पहाड़पुर में अपने मकान में ताला लगाकर पूरे परिवार के साथ भूमिगत हो गए हैं। कहीं किसी के संपर्क में नहीं है। लोगों का यह भी मानना है कि लंबे घोटाले में फंसे महात्मा यादव नेपाल में भी निवास कर सकते हैं।
अभिलेखों की जांच के दौरान महात्मा यादव के प्रमाणपत्र पाए गए थे और उनके द्वारा एक पैन कार्ड से दो जगह से वेतन लिया जा रहा था। जिसके बाद जांच टीम ने बलिया जाकर मामले की पड़ताल की। जिसमें पता चला कि बलिया में कार्यरत महात्मा यादव ही असली महात्मा यादव है। जिसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी को एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया गया था। जल्द ही शिक्षक के खिलाफ रिकवरी नोटिस जारी की जाएगी। - राकेश सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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प्रदेश में अनामिका शुक्ला मामले का खुलासा होने के बाद जिले में शिक्षकों के अभिलेखों की जांच की गई जिसमें उच्च प्राथमिक विद्यालय मुरेरी में 1998 से कार्यरत सहायक अध्यापक महात्मा यादव के अभिलेख फर्जी साबित हुए। जिसके बाद बीएसए ने उन्हें निलंबित करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी को फर्जी शिक्षक पर एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया था। इसी क्रम में शुक्रवार को चोलापुर खंड शिक्षा अधिकारी लाल जी की तहरीर पर चोलापुर पुलिस ने कूट रचना कर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी शिक्षक की तलाश में पुलिस दबिश देना शुरू कर दिया है । बताते चले कि चोलापुर ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय मुरेरी में सहायक अध्यापक महात्मा यादव मूल रूप से बलिया का निवासी हैं। बलिया के ही रहने वाले एक महात्मा यादव के नाम पर फर्जी तौर पर 1998 से नौकरी कर रहा था। चोलापुर में इनकी तैनाती दो जगहों पर हुई थी और वो सालों से विभाग के आंखों में धूल झोंक कर वेतन का लाभ ले रहे थे। बेसिक शिक्षा अधिकारी के जांच में महात्मा यादव के द्वारा एक पैन कार्ड से दो जगह से वेतन निकालें जाने का मामला प्रकाश में आया था। इस मामले में जब आरोपी शिक्षक को जांच समिति के सामने अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया गया तो वो अपने परिवार के साथ फरार हो गए। खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा उनके पते पर दो बार टीम भी भेजी गई, लेकिन कोई सूचना नही मिली। फोन पर जब उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई तो शिक्षक द्वारा मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया गया। खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि महात्मा यादव के द्वारा चंद्रावती उगापुर का पता दिया गया था। लेकिन आधार कार्ड में पहाड़पुर चोलापुर का पता है। महात्मा यादव के द्वारा सकलडीहा चंदौली में शिक्षा विभाग के द्वारा प्रशिक्षण लिया गया था। वही मुरेरी स्थित जूनियर हाई स्कूल के सहायक इंचार्ज के रूप में महात्मा यादव की तैनाती चल रही है। महात्मा यादव के भूमिगत होने पर विद्यालय की व्यवस्था भी सुस्त पड़ गई है। चोलापुर पुलिस ने महात्मा यादव के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है। जिसकी जांच पुलिस ने शुरू कर दी है। सूत्रों की मानें तो महात्मा यादव जांच के घेरे में फंसने के दौरान दानगंज पहाड़पुर में अपने मकान में ताला लगाकर पूरे परिवार के साथ भूमिगत हो गए हैं। कहीं किसी के संपर्क में नहीं है। लोगों का यह भी मानना है कि लंबे घोटाले में फंसे महात्मा यादव नेपाल में भी निवास कर सकते हैं।
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अभिलेखों की जांच के दौरान महात्मा यादव के प्रमाणपत्र पाए गए थे और उनके द्वारा एक पैन कार्ड से दो जगह से वेतन लिया जा रहा था। जिसके बाद जांच टीम ने बलिया जाकर मामले की पड़ताल की। जिसमें पता चला कि बलिया में कार्यरत महात्मा यादव ही असली महात्मा यादव है। जिसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी को एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया गया था। जल्द ही शिक्षक के खिलाफ रिकवरी नोटिस जारी की जाएगी। - राकेश सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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