{"_id":"58fdefbd4f1c1b9228c0bf82","slug":"action-against-encrochment-in-varanasi-get-wrong","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"वाराणसी में अतिक्रमण पर कार्रवाई का तमाशा,झुग्गियों पर कार्रवाई, पक्के निर्माणों पर रहम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वाराणसी में अतिक्रमण पर कार्रवाई का तमाशा,झुग्गियों पर कार्रवाई, पक्के निर्माणों पर रहम
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Mon, 24 Apr 2017 05:59 PM IST
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अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई
- फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी शहर के कुंडों-तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण की अध्यक्षता में बैठक कर भारीभरकम योजना तैयार की गई। प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की तीन संयुक्त टीमों का गठन हुआ। तारीख तय हो गई।
ऐसा लगा कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर वर्षों से चला आ रहा खेल शायद अब बंद हो जाएगा और योगी सरकार में कुंड-तालाब वाकई अतिक्रमण मुक्त हो जाएंगे लेकिन ऐसा हुआ नहीं। अलबत्ता, कार्रवाई पर सवाल जरूर उठ गए।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि झुग्गी-झोपड़ियां तो ढहा दी गईं लेकिन पक्के निर्माणों पर कार्रवाई के नाम पर महज खानापूर्ति हुई। अतिक्रमण पर कार्रवाई के नाम पर सिर्फ तमाशा हुआ।
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अभियान के पहले दिन सोनभद्र और पांडेयपुर तालाब के अलावा बकरिया कुंड को अतिक्रमण मुक्त कराया जाना था। सोनभद्र और पांडेयपुर तालाब पर प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीमें पहुंची जबकि बकरिया कुंड पर कोई टीम पहुंची ही नहीं।
सोनभद्र और पांडेयपुर तालाब पर भी अस्थाई अतिक्रमण तो ढहा दिए गए लेकिन पक्के निर्माणों में इक्का-दुक्का को छोड़ बाकी को मोहलत देकर टीमें लौट गईं।
पांडेयपुर तालाब
पांडेयपुर तालाब पर अतिक्रमण हटाने के लिए अपर नगर आयुक्त राजेंद्र सिंह सेंगर, एसीएम चतुर्थ त्रिभुवन राम, जोनल अधिकारी महातम यादव और सीओ राजकुमार के नेतृत्व में टीम सुबह करीब दस बजे पहुंची। लेकिन उसे कार्रवाई शुरू करने में एक घंटे लग गए।
करीब 11 बजे जब पुलिस पहुंची तब अभियान शुरू हुआ। पहले तालाब किनारे अतिक्रमण कर बनाई गई झुग्गी-झोपड़ी ध्वस्त की गई। इसके आगे पक्के निर्माण कराए गए थे, जो अतिक्रमण के दायरे में थे लेकिन टीम जब पहुंची तो भवन स्वामियों ने कुछ कागजात दिखाए। कुछ देर बातचीत हुई और फिर दस्ता बिना कार्रवाई किए आगे बढ़ गया।
तालाब की जमीन पर बनी बाउंड्री ढहाने के बाद टीम लौट गई। इस दौरान नायब तहसीलदार अरुणिमा श्रीवास्तव, एक्सईएन लोकेश जैन, अमरेंद्र गौतम भी मौजूद रहे।
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ऐसा लगा कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर वर्षों से चला आ रहा खेल शायद अब बंद हो जाएगा और योगी सरकार में कुंड-तालाब वाकई अतिक्रमण मुक्त हो जाएंगे लेकिन ऐसा हुआ नहीं। अलबत्ता, कार्रवाई पर सवाल जरूर उठ गए।
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स्थानीय लोगों का आरोप है कि झुग्गी-झोपड़ियां तो ढहा दी गईं लेकिन पक्के निर्माणों पर कार्रवाई के नाम पर महज खानापूर्ति हुई। अतिक्रमण पर कार्रवाई के नाम पर सिर्फ तमाशा हुआ।
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अभियान के पहले दिन सोनभद्र और पांडेयपुर तालाब के अलावा बकरिया कुंड को अतिक्रमण मुक्त कराया जाना था। सोनभद्र और पांडेयपुर तालाब पर प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीमें पहुंची जबकि बकरिया कुंड पर कोई टीम पहुंची ही नहीं।
सोनभद्र और पांडेयपुर तालाब पर भी अस्थाई अतिक्रमण तो ढहा दिए गए लेकिन पक्के निर्माणों में इक्का-दुक्का को छोड़ बाकी को मोहलत देकर टीमें लौट गईं।
पांडेयपुर तालाब
पांडेयपुर तालाब पर अतिक्रमण हटाने के लिए अपर नगर आयुक्त राजेंद्र सिंह सेंगर, एसीएम चतुर्थ त्रिभुवन राम, जोनल अधिकारी महातम यादव और सीओ राजकुमार के नेतृत्व में टीम सुबह करीब दस बजे पहुंची। लेकिन उसे कार्रवाई शुरू करने में एक घंटे लग गए।
करीब 11 बजे जब पुलिस पहुंची तब अभियान शुरू हुआ। पहले तालाब किनारे अतिक्रमण कर बनाई गई झुग्गी-झोपड़ी ध्वस्त की गई। इसके आगे पक्के निर्माण कराए गए थे, जो अतिक्रमण के दायरे में थे लेकिन टीम जब पहुंची तो भवन स्वामियों ने कुछ कागजात दिखाए। कुछ देर बातचीत हुई और फिर दस्ता बिना कार्रवाई किए आगे बढ़ गया।
तालाब की जमीन पर बनी बाउंड्री ढहाने के बाद टीम लौट गई। इस दौरान नायब तहसीलदार अरुणिमा श्रीवास्तव, एक्सईएन लोकेश जैन, अमरेंद्र गौतम भी मौजूद रहे।
एक नजर में पांडेयपुर और सोनभद्र तालाब
अतिक्रमण पर कार्रवाई
- फोटो : अमर उजाला
पांडेयपुर से महावीर मंदिर मार्ग पर मानसिक चिकित्सालय की बाउंड्री से सटा पांडेयपुर पोखरा है। गाटा संख्या 149 रकबे में 6.87 एकड़ में फैला यह तालाब नगर निगम और प्रशासन के राजस्व विभाग की मिलीभगत से अतिक्रमण की भेंट चढ़ गया। तालाब के तीन ओर से अवैध कब्जा हो गया है।
अपर नगर आयुक्त राजेंद्र सिंह सेंगर ने बताया कि पांडेयपुर तालाब पर दो दर्जन से अधिक अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं। कार्रवाई के पहले दिन आधा दर्जन झुग्गी-झोपड़ी और कुछ पक्के निर्माण ढहाए गए हैं। बाकी लोगों ने कागजात प्रस्तुत किए हैं, उनकी पड़ताल के बाद कार्रवाई होगी।
इसी तरह रवींद्रपुरी में सोनभद्र तालाब गाटा संख्या 1911 रकबे में 0.51 हेक्टेयर में फैला हुआ है। इसका भी बड़ा हिस्सा अतिक्रमण की चपेट में है। एसडीएम डॉ. नागेंद्र नाथ यादव ने बताया कि अभियान के दौरान सोनभद्र तालाब की पैमाइश कराई गई।
दर्जन भर से अधिक अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं। कुछ कच्चे और एक पक्का तबेला ढहाया गया। बाकी को हफ्ते भर की मोहलत दी गई है। फिर मंडलायुक्त के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अपर नगर आयुक्त राजेंद्र सिंह सेंगर ने बताया कि पांडेयपुर तालाब पर दो दर्जन से अधिक अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं। कार्रवाई के पहले दिन आधा दर्जन झुग्गी-झोपड़ी और कुछ पक्के निर्माण ढहाए गए हैं। बाकी लोगों ने कागजात प्रस्तुत किए हैं, उनकी पड़ताल के बाद कार्रवाई होगी।
इसी तरह रवींद्रपुरी में सोनभद्र तालाब गाटा संख्या 1911 रकबे में 0.51 हेक्टेयर में फैला हुआ है। इसका भी बड़ा हिस्सा अतिक्रमण की चपेट में है। एसडीएम डॉ. नागेंद्र नाथ यादव ने बताया कि अभियान के दौरान सोनभद्र तालाब की पैमाइश कराई गई।
दर्जन भर से अधिक अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं। कुछ कच्चे और एक पक्का तबेला ढहाया गया। बाकी को हफ्ते भर की मोहलत दी गई है। फिर मंडलायुक्त के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।