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गंगा के इस पार से उस पार तक निगहबानी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 07 May 2016 02:12 AM IST
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राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी 12 मई को बीएचयू आएंगे और शताब्दी समारोह के तहत छात्र-छात्राओं और शिक्ष्ाकों को संबोधित भी करेंगे। 13 मई की सुबह गंगा सप्तमी के दिन दशाश्वमेध घाट पर गंगा की पूजा-अर्चना और बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन करेंगे।
उनके आगमन की तैयारियों के मद्देनजर शुक्रवार को कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण और डीएम राजमणि यादव ने अपने कार्यालय में आयोजित बैठक में मातहतों को आवश्यक निर्देश जारी किए। कहा कि सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए जाएं। घाट पर पूजा-अर्चना के दौरान गंगा पार भी सुरक्षा व्यवस्था की जाए। गंगा में बोट से सुरक्षाकर्मी चक्रमण करते रहेंगे।
कमिश्नर और डीएम ने मातहतों को एयरपोर्ट, बीएचयू, दशाश्वमेध घाट, काशी विश्वनाथ मंदिर की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों को सौंपी है। प्रशासन को सबसे अधिक चिंता गंगा घाट की है। यहां भीड़ को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। इसके लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जा रही है। बीएचयू से दशाश्वमेध घाट तक सड़क पर सुरक्षा का घेरा बनाया जाएगा ताकि फ्लीट के दौरान कोई मार्ग में न आने पाए।
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उनके आगमन की तैयारियों के मद्देनजर शुक्रवार को कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण और डीएम राजमणि यादव ने अपने कार्यालय में आयोजित बैठक में मातहतों को आवश्यक निर्देश जारी किए। कहा कि सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए जाएं। घाट पर पूजा-अर्चना के दौरान गंगा पार भी सुरक्षा व्यवस्था की जाए। गंगा में बोट से सुरक्षाकर्मी चक्रमण करते रहेंगे।
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कमिश्नर और डीएम ने मातहतों को एयरपोर्ट, बीएचयू, दशाश्वमेध घाट, काशी विश्वनाथ मंदिर की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों को सौंपी है। प्रशासन को सबसे अधिक चिंता गंगा घाट की है। यहां भीड़ को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। इसके लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जा रही है। बीएचयू से दशाश्वमेध घाट तक सड़क पर सुरक्षा का घेरा बनाया जाएगा ताकि फ्लीट के दौरान कोई मार्ग में न आने पाए।
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