उपलब्धि: आपदा काल में बेहतर प्रबंधन ने दिया देश को बनारस मॉडल, सूरत में होने वाले अवार्ड सेरेमनी में मिलेगा सम्मान
वाराणसी स्मार्ट सिटी को कोरोना काल में श्रेष्ठ कार्य करने के लिए कोविड इनोवेशन अवार्ड दिया जाएगा। सूरत में 18 अप्रैल को स्मार्ट सिटी के सीईओ व नगर आयुक्त प्रणय सिंह अवार्ड सेरेमनी में यह पुरस्कार ग्रहण करेंगे।
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आपदा काल में बेहतर प्रबंधन ने देश को बनारस मॉडल दिया। कोविड काल में बेहतर समन्वय और प्रबंधन ने बनारस को देश भर में अव्वल स्थान दिलाया है। वाराणसी स्मार्ट सिटी को कोविड इनोवेशन अवार्ड समेत चार अवार्ड दिए जाएंगे। सूरत में 18 अप्रैल को वाराणसी स्मार्ट सिटी के सीईओ व नगर आयुक्त प्रणय सिंह अवार्ड सेरेमनी में यह पुरस्कार ग्रहण करेंगे।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एनपी सिंह ने बताया कि कोविड काल में बनारस में सिटी कमांड कंट्रोल के जरिए पूरे शहर का प्रबंधन किया गया। विभागों के बेहतर समन्वय के कारण बनारस को एक मॉडल के रूप में पेश किया गया। चाहे सैनिटाइजेशन हो, अस्पताल की व्यवस्था हो, मरीजों के लिए बेड, दवाएं, भोजन, एंबुलेंस का इंतजाम, शववाहिनी की व्यवस्था को बेहतर ढंग से आपदा काल में अंजाम दिया गया।
सिटी अवार्ड के द्वितीय चरण में भी बनारस शामिल
आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय की ओर से चार वर्गों में जब देश भर के शहरों की व्यवस्थाओं के आधार पर चयन किया गया तो बनारस उसमें पहले नंबर पर है। वाराणसी स्मार्ट सिटी को कोरोना काल में श्रेष्ठ कार्य करने के लिए कोविड इनोवेशन अवार्ड दिया जाएगा। सिटी अवार्ड के द्वितीय चरण में भी बनारस शामिल है, इसमें आगरा और तिरुपति भी संयुक्त रूप से शामिल हैं।
यह अवार्ड 2020-21 के लिए दिया जा रहा है और इसकी घोषणा 2021 में की गई थी। कोरोना संक्रमण काल होने के कारण अवार्ड सेरेमनी नहीं हो सकी थी। स्मार्ट सिटी लीडरशिप अवार्ड में काशी के साथ अहमदाबाद और रांची का भी नाम शामिल है। जल संरक्षण के लिए शहर में किए जा रहे जल प्रबंधन व संचयन के बेहतर उपायों में भी बनारस ने बेहतर काम किया है।