युवक के पेट में घुसा गड़ासाः मुहर्रम के जुलूस में करतब के दौरान हुआ भयावह हादसा, फैल गया खून; पहुंची पुलिस
Chandauli News: पेट पर गड़ासा लगने के बाद युवक को तुरंत चिकित्सकीय उपचार के लिए निजी अस्पताल भेज गया। गंभीर रुप से घायल युवक को यहां से बीएचयू के लिए रेफर कर दिया गया। युवक के घायल होने के बाद भी करतब नहीं रोका गया, यह चर्चा का विषय बना हुआ है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चंदौली के अलीनगर थाना क्षेत्र के क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर कार्यालय के सामने स्थित जामा मस्जिद के समीप मंगलवार की रात मोहर्रम के जुलूस में पुलिस फोर्स के सामने ही बड़ा हादसा हो गया।
पेट पर हांडी रखकर उस पर गड़ासा से वार कर हांडी फोड़ने के प्रदर्शन के दौरान बैलेंस बिगड़ने से पेट पर गंड़ासा लगने से अलीनगर निवासी यासीन फारूकी का पुत्र अरमान फारुखी (15) की आंत कट गई। वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आनन-फानन में लोगों ने उसे ट्रामा सेंटर वाराणसी पहुंचाया जहाँ उसका इलाज चल रहा है।
दो दिन पूर्व भी ताजिया के लिए मिट्टी लेने के दौरान दो पक्षों में हुई मारपीट के बाद एक पक्ष द्वारा चाकूबाजी कर दो लोगों को चोटिल कर दिया गया था। जबकि शासन प्रशासन की तरफ से यह निर्देशित किया गया था कि मुहर्रम के जुलूस में अस्त्र शस्त्र पूरी तरह प्रतिबंधित है।
ऐसे में जुलूस में साथ साथ चल रही पुलिस फोर्स के बावजूद तलवार, गंड़सा, फरसा, चाकू, खुखरी लेकर उसका प्रदर्शन कहीं न कहीं पुलिसिया कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।
बताते चलें कि सीओ के स्थानांतरण के बाद भी उन्हें मुहर्रम को शांतिपूर्ण तरीके सम्पन्न कराने के लिए प्रशासन ने रोक रखा है। ऐसे में दो दिन में हुई दो घटनाओं ने सभी की पोल खोलकर रख दी है। इस बाबत जब अलीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक शेषधर पांडेय से वार्ता की गई तो उन्होंने ऐसी किसी घटना से इनकार कर दिया है।
करतब के दौरान ब्लेड से कटी युवक के सीने की नस, हालत गंभीर
शहाबगंज थाना क्षेत्र के लालपुर गांव बुधवार को ताजिया के जुलूस के दौरान मातम करते समय ब्लेड से युवक के सीने की नस कट गई। जिससे खून का धार बहने लगी। ग्रामीणों ने आनन-फानन में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र शहाबगंज पहुंचे जहां चिकित्सक कड़ी मेहनत के बाद कटे नस को बंद युवक की जान बचाई।
गाजीपुर जिले के दिलदार नगर से फैयाज 20 वर्ष अपने खाला के यहां लालपुर गांव आया था। मोहर्रम के उपलक्ष्य में निकले ताजिया के जुलूस में युवाओं द्वारा अपने कला कर्तव्य प्रर्दशन कर मातम मनाया जा रहा था। फैयाज भी युवाओं के साथ सामिल होकर ब्लेड लेकर खूनी मातम करने लगा। इसी दौरान ब्लेड की तेज धार से युवक के सीने की नस कट गई।
गंभीर रूप से घायल युवक को लेकर परिजन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर पहुंचे। जहां डाक्टर संदीप गौतम व वार्ड ब्वाय हरिद्वार ने काफी मेहनत के बाद बह रहे खून को बंद करने में सफलता प्राप्त किया। वही युवक की जान बचने से परिजनों में हर्ष व्याप्त हो गया