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चुनौतियों और बदलावों को साझा करेंगे शिक्षाविद
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राष्ट्रीय शिक्षा सम्मेलन में देश भर के शिक्षाविद नई शिक्षा नीति पर मंथन करेंगे। विश्वविद्यालय के कुलपति और प्रतिनिधि अपने-अपने संस्थान की विशेषताओं की प्रस्तुति के साथ ही नई शिक्षा नीति को लागू करने में आने वाली चुनौतियों और बदलावों को भी साझा करेंगे। सात जुलाई को रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित अखिल भारतीय शिक्षा समागम की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. एके त्यागी ने बताया कि अखिल भारतीय शिक्षा समागम के दौरान विश्वविद्यालय की चार प्रमुख गतिविधियों के बारे में भी बताया जाएगा। इसमें ज्ञानचंद मंदित बाल विद्यालय में दिव्यांग विद्यार्थियों को दी जा रही मुफ्त शिक्षा, म्यूजिक थेरेपी और अनुसंधान केंद्र, महिला सशक्तीकरण सेल और महिला अध्ययन केंद्र और मेगा जॉब फेस्ट को शामिल किया गया है। वहीं संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में संस्कृत को बढ़ावा देने, शास्त्रों के संरक्षण और पांडुलिपियों के संरक्षण को शामिल किया गया है। यूजीसी के सचिव प्रो. रजनीश कुमार जैन का पत्र मिलने के बाद काशी विद्यापीठ की कुलसचिव डॉ. सुनीता पांडेय ने सभी संकायों व परिसरों से स्थायी-अस्थायी शिक्षकों के साथ शोध छात्रों की सूची, मोबाइल नंबर हार्ड और सॉफ्ट कॉपी में भेजने को कहा है। दूसरी तरफ संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने भी बैठक कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया। विश्वविद्यालय की ओर से 35 शिक्षक और 15 शोध छात्रों को आयोजन में शामिल होने के लिए भेजा जाएगा।
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. एके त्यागी ने बताया कि अखिल भारतीय शिक्षा समागम के दौरान विश्वविद्यालय की चार प्रमुख गतिविधियों के बारे में भी बताया जाएगा। इसमें ज्ञानचंद मंदित बाल विद्यालय में दिव्यांग विद्यार्थियों को दी जा रही मुफ्त शिक्षा, म्यूजिक थेरेपी और अनुसंधान केंद्र, महिला सशक्तीकरण सेल और महिला अध्ययन केंद्र और मेगा जॉब फेस्ट को शामिल किया गया है। वहीं संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में संस्कृत को बढ़ावा देने, शास्त्रों के संरक्षण और पांडुलिपियों के संरक्षण को शामिल किया गया है। यूजीसी के सचिव प्रो. रजनीश कुमार जैन का पत्र मिलने के बाद काशी विद्यापीठ की कुलसचिव डॉ. सुनीता पांडेय ने सभी संकायों व परिसरों से स्थायी-अस्थायी शिक्षकों के साथ शोध छात्रों की सूची, मोबाइल नंबर हार्ड और सॉफ्ट कॉपी में भेजने को कहा है। दूसरी तरफ संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने भी बैठक कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया। विश्वविद्यालय की ओर से 35 शिक्षक और 15 शोध छात्रों को आयोजन में शामिल होने के लिए भेजा जाएगा।
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