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सीबीएसई के करीब दस हजार छात्रों का नहीं भरा जा सका है फॉर्म, स्कूलों को नहीं छात्रों की जानकारी

Sun, 06 Sep 2020 05:32 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sun, 06 Sep 2020 05:32 PM IST
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About ten thousand students of CBSE could not fill the form, schools are not aware of students in varanasi
CBSE - फोटो : social media

कोरोना कॉल में स्कूलों की ओर से ऑनलाइन क्लास तो चलाई जा रही हैं, लेकिन अब समस्या बोर्ड परीक्षा फॉर्म भरने को लेकर आ रही है। माध्यमिक विद्यालयों में तो फार्म भरे जा चुके हैं, लेकिन सीबीएसई के करीब दस हजार ऐसे छात्र हैं, जिनके प्रवेश के बारे में स्कूलों को कोई सही जानकारी न होने से उनका फार्म नहीं भरा जा सका है।

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अब जबकि सीबीएसई ने स्कूलों से छात्रों का डाटा मांगा गया है तो स्कूलों की ओर से अभिभावकों से संपर्क कर छात्रों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।


वाराणसी में सीबीएसई के करीब 150 से अधिक स्कूल हैं। औसतन एक विद्यालय में 10वीं, 12वीं के छात्रों की संख्या भी 600 से 700 है। इस समय बोर्ड परीक्षा फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। औसतन हर विद्यालय में करीब 100 छात्र ऐसे हैं, जिनके विद्यालय से जुड़े रहने की कोई जानकारी स्कूल में नहीं मिल पा रही है।

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सीबीएसई की सिटी कोऑर्डिनेटर गुरमीत कौर के मुताबिक सक्षम अभिभावकों से संपर्क कर 22 सितंबर तक फीस जमा करने की बात कही है। जबकि आर्थिक संकट झेल रहे अभिभावकों को प्रार्थना पत्र देने को कहा गया है। जिसमें उन्हें फीस जमा न कर पाने की वजह भी बतानी होगी। अगर छात्र की जानकारी नहीं मिल पाएगी तो बोर्ड परीक्षा फार्म भराना मुश्किल होगा। 

शासन के आदेश पर अभिभावकों से फीस जमा करने की अपील की गई है। साथ ही ऐसे अभिभावक जो बच्चों की फीस जमा नहीं कर सकते हैं, उन्हें कारण सहित एक प्रार्थना पत्र  देने को कहा गया है। लेकिन न तो सक्षम लोग फीस जमा कर रहे हैं और कुछ लोग प्रार्थना पत्र स्कूलों में दे रहे हैं। जिस वजह से बच्चों के परीक्षा फार्म भरने को लेकर के संकट खड़ा हो गया है। -डॉ. दीपक मधोक, अध्यक्ष, पूर्वांचल स्कूल एसोसिएशन

छात्र स्कूल में पढ़ रहा है कि नहीं इसकी जानकारी अभिभावकों को स्कूलों को देनी चाहिए। फीस को लेकर अगर किसी को कोई कठिनाई है तो शासनादेश के अनुसार संबंधित स्कूल को प्रार्थनापत्र दे सकते हैं। -डॉ. विजय प्रकाश सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक

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