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एशियन गेम्स: वाटर स्पोर्ट्स में चुनौती पेश करेंगे चंदौली के अभय सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 24 Aug 2018 02:58 PM IST
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भारतीय वाटर स्पोर्ट्स टीम के सदस्य अभय सिंह
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एशियन गेम्स में अभय सिंह कयाकिंग एंड कैनोइंग में भारत की तरफ से चुनौती पेश करेंगे। भारतीय टीम के लगातार बेहतरीन प्रदर्शन को देखते हुए काशीवासियों को अभय से पदक जीतने की उम्मीदें लगी हुई हैं।
भारतीय वाटर स्पोर्ट्स टीम के सदस्य अभय को एशियाड के टिकट के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा था। कोर्ट के फैसले के बाद जकार्ता जाने वाली भारतीय टीम में इस खिलाड़ी को शामिल किया गया। साई सेंटर इंचार्ज नन्हे सिंह ने बताया कि वाटर स्पोर्ट्स गेम्स का आयोजन 25 से 27 अगस्त के बीच होगा।
चंदौली की तरफ से अभय नौकायन में प्रतिभाग करने वाले पहले खिलाड़ी हैं। एशियाई गेम्स के लिए चयनित अभय सिंह वाटर स्पोर्ट्स (कयाकिंग एंड कैनोइंग) में चुनौती पेश करेंगे। अभय ने कहा कि उन्हें खुद पर विश्वास है और वह देश के लिए पदक जीतेंगे।
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चंदौली के सकलडीहा क्षेत्र में धरहरा गांव के मूल निवासी अभय इन दिनों बनारस में डीजल रेल इंजन कारखाना (डीरेका) के पास ही रहते हैं। इनके पिता सुभाष चंद्र सिंह बीज विकास निगम में उप निदेशक रह चुके हैं। बड़े भाई अमित सिंह अंतरराष्ट्रीय एथलीट रहे हैं।
साई सेंटर इंचार्ज नन्हे सिंह ने बताया कि अभय कई अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीते हैं। जकार्ता में एशियन गेम्स में अभय 200 मीटर, 500 मीटर और 1000 मीटर स्पर्धा में चुनौती पेश करेंगे। अभय साई सेंटर भोपाल में थे और भोपाल से ही उन्होंने पढ़ाई भी की है। उनकी खेल प्रतिभा और उपलब्धियों से प्रभावित होकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उन्हें विक्रम अवार्ड से सम्मानित कर चुके हैं।
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भारतीय वाटर स्पोर्ट्स टीम के सदस्य अभय को एशियाड के टिकट के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा था। कोर्ट के फैसले के बाद जकार्ता जाने वाली भारतीय टीम में इस खिलाड़ी को शामिल किया गया। साई सेंटर इंचार्ज नन्हे सिंह ने बताया कि वाटर स्पोर्ट्स गेम्स का आयोजन 25 से 27 अगस्त के बीच होगा।
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चंदौली की तरफ से अभय नौकायन में प्रतिभाग करने वाले पहले खिलाड़ी हैं। एशियाई गेम्स के लिए चयनित अभय सिंह वाटर स्पोर्ट्स (कयाकिंग एंड कैनोइंग) में चुनौती पेश करेंगे। अभय ने कहा कि उन्हें खुद पर विश्वास है और वह देश के लिए पदक जीतेंगे।
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चंदौली के सकलडीहा क्षेत्र में धरहरा गांव के मूल निवासी अभय इन दिनों बनारस में डीजल रेल इंजन कारखाना (डीरेका) के पास ही रहते हैं। इनके पिता सुभाष चंद्र सिंह बीज विकास निगम में उप निदेशक रह चुके हैं। बड़े भाई अमित सिंह अंतरराष्ट्रीय एथलीट रहे हैं।
साई सेंटर इंचार्ज नन्हे सिंह ने बताया कि अभय कई अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीते हैं। जकार्ता में एशियन गेम्स में अभय 200 मीटर, 500 मीटर और 1000 मीटर स्पर्धा में चुनौती पेश करेंगे। अभय साई सेंटर भोपाल में थे और भोपाल से ही उन्होंने पढ़ाई भी की है। उनकी खेल प्रतिभा और उपलब्धियों से प्रभावित होकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उन्हें विक्रम अवार्ड से सम्मानित कर चुके हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर भारतीय दल में शामिल हुई नौका दौड़ टीम
अभय सिंह
चीन के बाली शहर में 06 से 08 जुलाई तक आयोजित पांचवीं एशियन चैंपियनशिप ड्रैगन बोर्ड में अभय ने पूरे एशिया में चौथा स्थान प्राप्त किया था। चीन में अपना लोहा मनवाने के बाद अब अभय की निगाहें इंडोनेशिया के जकार्ता में तिरंगा फहराने पर टिकी हुई हैं।
आईओए के रवैये के खिलाफ नौका दौड़ के खिलाड़ी अभय सिंह ने अदालत में याचिका दायर की थी। आईओए ने चयन के लिए जरूरी योग्यता मानदंडों को पूरा नहीं करने पर नौका दौड़ टीम का चयन नहीं किया था। अभय ने एशियाई स्तर के टूर्नामेंट में रजत और कांस्य पदक जीतने के बाद इस मामले में अदालत से दखल देने की मांग की थी।
अदालत ने याचिकाकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए यह सुनिश्चित करने को कहा कि याचिकाकर्ता और टीम इन खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व कर सके। बता दें कि कयाकिंग एंड कैनोइंग में पुरुष और महिला टीमों में 16-16 खिलाड़ी होते हैं। नौका दौड़ में 12 खिलाड़ी भाग लेते हैं जबकि चार रिजर्व खिलाड़ी होते हैं।
आईओए के रवैये के खिलाफ नौका दौड़ के खिलाड़ी अभय सिंह ने अदालत में याचिका दायर की थी। आईओए ने चयन के लिए जरूरी योग्यता मानदंडों को पूरा नहीं करने पर नौका दौड़ टीम का चयन नहीं किया था। अभय ने एशियाई स्तर के टूर्नामेंट में रजत और कांस्य पदक जीतने के बाद इस मामले में अदालत से दखल देने की मांग की थी।
अदालत ने याचिकाकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए यह सुनिश्चित करने को कहा कि याचिकाकर्ता और टीम इन खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व कर सके। बता दें कि कयाकिंग एंड कैनोइंग में पुरुष और महिला टीमों में 16-16 खिलाड़ी होते हैं। नौका दौड़ में 12 खिलाड़ी भाग लेते हैं जबकि चार रिजर्व खिलाड़ी होते हैं।