नवरात्रि के चौथा दिन: विंध्याचल धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, जयकारों से गूंजा दरबार
शारदीय नवरात्र के चौथे दिन विंध्याचल धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने गंगा स्नान के बाद मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन किए और मां कुष्मांडा के स्वरूप का दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए पुलिस-प्रशासन अलर्ट रहा।
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शारदीय नवरात्र के चौथे दिन बुधवार को विंध्याचल धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भोर से लेकर देर रात तक मंदिर परिसर मां के जयकारों और घंटा-घड़ियाल की ध्वनि से गूंजता रहा। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने मां विंध्यवासिनी के दरबार में पहुंचकर विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया और सुख-समृद्धि की कामना की।
भोर में मंगला आरती से पहले ही श्रद्धालु मंदिर के बाहर कतार में लग गए थे। मंदिर में पहुंचने के बाद भक्तों ने मां के चौथे स्वरूप मां कुष्मांडा का दर्शन-पूजन किया। गुड़हल, कमल और गुलाब के फूलों से किए गए देवी के श्रृंगार का दिव्य दर्शन पाकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
गंगा घाटों पर भी उमड़ी भीड़
मां के दर्शन से पहले बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा घाट पहुंचकर आस्था की डुबकी लगाई। स्नान के बाद भक्त माता के दरबार में पहुंचे और दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने हवन कुंड में आहुतियां भी डालीं।
नवरात्र के चलते पूरे विंध्याचल क्षेत्र का माहौल भक्तिमय बना हुआ है। जगह-जगह हवन, पूजन और धार्मिक अनुष्ठान चल रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पंडा समाज और प्रशासन की ओर से व्यवस्थाएं की गई हैं।
सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन अलर्ट रहा। मंदिर और आसपास के प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा के साथ भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की गई। विंध्याचल के अलावा अष्टभुजा पहाड़ी पर मां अष्टभुजा देवी, मां काली और मां तारा देवी के मंदिरों को रंग-बिरंगी रोशनी और फूल-पत्तियों से सजाया गया है। रात में मंदिरों की भव्य सजावट श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रही।