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ससुराल में रहने के लिए धरने पर बैठी डॉक्टर की बहू, पति है इंजीनियर,जानिए क्या है मामला
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Mon, 22 May 2017 11:08 AM IST
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married women
- फोटो : अमर उजाला
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भेलूपुर थाना अंतर्गत कृष्ण देव नगर कॉलोनी स्थित ससुराल में रहने के लिए शनिवार की देर रात तक शाहजहांपुर से आई विवाहिता धरने पर बैठी रही मगर उसके लिए दरवाजे बंद ही रहे। इस बीच वह बेहोश भी हो गई और उसके समर्थन में कॉलोनी के लोग भी आए लेकिन ससुरालियों ने उसे घर में प्रवेश नहीं करने दिया।
आखिरकार कॉलोनी की ही एक महिला ने विवाहिता को रात में अपने घर में ठौर दी। वहीं, सूचना पाकर रविवार को पहुंची भेलूपुर पुलिस ने विवाहिता के रहने की व्यवस्था उसकी ससुराल के पड़ोस के ही एक घर में कराई है। इस वाकये की इलाके में चर्चा है।
शाहजहांपुर के जलीलाबाद साउथ सिटी निवासी कृष्णचंद गुप्ता की बेटी सुगंधा की शादी उसके मौसेरे भाई विजय ने अपने दोस्त भेलूपुर के कृष्ण देव नगर निवासी बीएचयू से सेवानिवृत्त डॉ. रामप्यारे लाल जैन के बेटे इंजीनियर अन्वेष जैन के साथ 13 दिसंबर 2015 को कराई थी।
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सुगंधा ने बताया कि उसके पिता ने दहेज में दस लाख रुपये दिए थे। मगर, ससुराल आते ही उससे पांच लाख रुपये और चार पहिया वाहन की मांग कर प्रताड़ित किया जाने लगा। फरवरी 2017 में सुगंधा को उसके पति ने कहा कि मां बीना को कैंसर हो गया है, उपचार के लिए केरल ले जाना है। तब तक तुम जाकर मायके में रहो।
सुगंधा ने बताया कि वह मायके चली गई तो उसे नौकरानी से पता लगा कि उसकी सास को कोई बीमारी नहीं है। इसी बीच तीन मार्च को उसे तलाक का नोटिस मिला। इसके बाद वह अपने मौसा अधिवक्ता प्रमोद जैन और मौसेरे भाई अजय के साथ 19 अप्रैल को ससुराल पहुंची लेकिन घर में नहीं घुसने दिया गया तो उसने 20 अप्रैल को ससुराल वालों के खिलाफ भेलूपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया।
सुगंधा ने बताया कि इन दिनों उसके पिता की तबीयत खराब चल रही है। उनकी परेशानी और न बढ़े इसलिए वह 20 मई को ससुराल चली आई लेकिन उसे घर में घुसने नहीं दिया गया।
उधर, डॉ. रामप्यारे लाल जैन का कहना है कि हमने कभी बहू को परेशान नहीं किया। वह हमारे बेटे पर दबाव बनाती है कि बूढ़े मां-बाप को छोड़कर अलग रहो। आत्महत्या की धमकी देती रहती है और दो बार विषाक्त पदार्थ का सेवन कर चुकी है। उसने एक साल पहले भी मुकदमा किया था। इन हालात में हम उसे कैसे अपने घर में रहने दें।
इस संबंध में सीओ भेलूपुर अखिलेश सिंह ने बताया कि पति-पत्नी ने एक-दूसरे के खिलाफ पहले से ही मुकदमा दर्ज कराया है। फिलहाल महिला पड़ोसी के घर में हैं और उसकी पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के लिए भेलूपुर इंस्पेक्टर को निर्देशित किया गया है।
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आखिरकार कॉलोनी की ही एक महिला ने विवाहिता को रात में अपने घर में ठौर दी। वहीं, सूचना पाकर रविवार को पहुंची भेलूपुर पुलिस ने विवाहिता के रहने की व्यवस्था उसकी ससुराल के पड़ोस के ही एक घर में कराई है। इस वाकये की इलाके में चर्चा है।
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शाहजहांपुर के जलीलाबाद साउथ सिटी निवासी कृष्णचंद गुप्ता की बेटी सुगंधा की शादी उसके मौसेरे भाई विजय ने अपने दोस्त भेलूपुर के कृष्ण देव नगर निवासी बीएचयू से सेवानिवृत्त डॉ. रामप्यारे लाल जैन के बेटे इंजीनियर अन्वेष जैन के साथ 13 दिसंबर 2015 को कराई थी।
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सुगंधा ने बताया कि उसके पिता ने दहेज में दस लाख रुपये दिए थे। मगर, ससुराल आते ही उससे पांच लाख रुपये और चार पहिया वाहन की मांग कर प्रताड़ित किया जाने लगा। फरवरी 2017 में सुगंधा को उसके पति ने कहा कि मां बीना को कैंसर हो गया है, उपचार के लिए केरल ले जाना है। तब तक तुम जाकर मायके में रहो।
सुगंधा ने बताया कि वह मायके चली गई तो उसे नौकरानी से पता लगा कि उसकी सास को कोई बीमारी नहीं है। इसी बीच तीन मार्च को उसे तलाक का नोटिस मिला। इसके बाद वह अपने मौसा अधिवक्ता प्रमोद जैन और मौसेरे भाई अजय के साथ 19 अप्रैल को ससुराल पहुंची लेकिन घर में नहीं घुसने दिया गया तो उसने 20 अप्रैल को ससुराल वालों के खिलाफ भेलूपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया।
सुगंधा ने बताया कि इन दिनों उसके पिता की तबीयत खराब चल रही है। उनकी परेशानी और न बढ़े इसलिए वह 20 मई को ससुराल चली आई लेकिन उसे घर में घुसने नहीं दिया गया।
उधर, डॉ. रामप्यारे लाल जैन का कहना है कि हमने कभी बहू को परेशान नहीं किया। वह हमारे बेटे पर दबाव बनाती है कि बूढ़े मां-बाप को छोड़कर अलग रहो। आत्महत्या की धमकी देती रहती है और दो बार विषाक्त पदार्थ का सेवन कर चुकी है। उसने एक साल पहले भी मुकदमा किया था। इन हालात में हम उसे कैसे अपने घर में रहने दें।
इस संबंध में सीओ भेलूपुर अखिलेश सिंह ने बताया कि पति-पत्नी ने एक-दूसरे के खिलाफ पहले से ही मुकदमा दर्ज कराया है। फिलहाल महिला पड़ोसी के घर में हैं और उसकी पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के लिए भेलूपुर इंस्पेक्टर को निर्देशित किया गया है।