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सीएम योगी से मिलने में हुआ असफल तो किया आत्महत्या का प्रयास, जानें क्या थी मजबूरी

Mon, 27 Mar 2017 12:42 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी/बलिया
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी/बलिया Updated Mon, 27 Mar 2017 12:42 AM IST
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a man attempt to suicide after he faill to meet chief minister yogi
डीएम से लेकर बैंक व परियोजना अधिकारी तक को लिख चुका था पत्र - फोटो : अमर उजाला
' एक लाख रुपये के कर्ज में फंस गया हूं, मैं जिंदगी की तलाश में मौत के करीब आ गया हूं, मैं अपना जीवन समाप्त कर लूंगा, अगर आप मदद कर सकते हैं तो बचा लिजिए, नहीं तो मैं कसम खाकर आया हूं, या तो जीवन बन जाएगा या तो खत्म हो जाएगा। '
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कुछ इस तरह का पत्र बलिया नगर के वार्ड नंबर 14 निवासी राजकुमार भारती ने जिलाधिकारी और परियोजना अधिकारी को लिखा था।

अधिकारियों के यहां गुहार लगाने के बावजूद मदद नहीं मिलने से परेशान राजकुमार रविवार को सूबे के नए मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी से अपनी व्यथा सुनाने गोरखपुर पहुंचा था। लेकिन मुख्यमंत्री से जब नहीं मिलने दिया गया तो उम्मीद छोड़ चुके राजकुमार ने आत्मदाह का प्रयास किया।
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वक्त रहते वहां मौजूद लोगों ने उसे जलने से बचा लिया। थोड़ी देर के लिए घटनास्थल पर सनसनी मच गई।  पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है।

मालूम हो कि पेशे से सर्राफा का काम करने वाले राजकुमार भारती ने डूडा के माध्यम से स्वरोजगार हेतु यूको बैंक से 04 अप्रैल 2016 को लोन पास कराया था। जिसके तहत बैंक से उसे एक लाख रुपये मिले थे। इस पर उसने बैंक से मिले धनराशि से चांदी की खरीददारी की थी, जिसकी रसीद भी उसने बैंक को सौंप दी थी।
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कारीगरों को भुगतान व अपना स्वरोजगार को बढ़ाने के लिए बैंक से शेष राशि की मांग की, लेकिन उसे नहीं मिली। लोन लेने के बाद भी कारोबार अधर में पड़ गया था, जिससे वह परेशान था।

कर्ज की बकाया राशि दिलाने के लिए उसने जिलाधिकारी से लेकर बैंक अधिकारी, परियोजना निदेशक, परियोजना अधिकारी डूडा, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका सहित उच्चाधिकारियों को कई बार पत्र लिख चुका था। लेकिन उसे कहीं से न्याय नहीं मिला था।

अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद भी जब उसे कोई रास्ता नहीं सूझा तो वह सूबे के नए मुख्यमंत्री के पास मदद की उम्मीद लेकर मिलने पहुंचा था। स्वरोजगार के लिए यूको बैंक से राजकुमार भारती को दो लाख रुपये स्वीकृत हुए थे। जिसके तहत बैंक ने एक लाख रुपये ही दिए थे।

ऋण की शेष राशि देने से पूर्व ही बैंक ने लोन भरने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। इसके लिए बैंक द्वारा 02 नवंबर 2016 को पीड़ित को नोटिस भी भेजा गया। जिसमें कहा गया था कि सात दिनों के भीतर यदि लोन की किस्त नहीं चुकाई तो आपके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करनी पड़ेगी। 

बैंक का खूब चक्कर लगाए थे पिताजी

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राजकुमार भारती - फोटो : अमर उजाला
राजकुमार भारती के पुत्र बबलू ने बताया कि बैंक से कर्ज का बकाया धनराशि नहीं मिलने को लेकर पिता जी काफी दिनों से परेशान थे। इसके लिए उन्होंने यहां के डीएम सहित अन्य अधिकारियों से भी मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन किसी ने उनकी मदद नहीं की।

शनिवार को वह घर पर यह कहकर गए थे कि वह गोरखपुर किसी कार्य से जा रहे हैं, लेकिन आत्मदाह की कोशिश करेंगे, इसका अंदाजा नहीं था। 

वहीं इस मामले में बलिया जिलाधिकारी गोविंद राजू एनएस ने बताया कि बैंक से ऋण का बकाया धनराशि नहीं मिलने से परेशान राजकुमार भारती प्रकरण की जांच कराई जाएगी। इस मामले में जो भी दोषी होगा, उस पर विभागीय कार्रवाई होगी।

उन्होंने कहा कि राजकुमार को ऋण को लेकर जो भी समस्या होगी, उसे गंभीरता से लिया जाएगा।
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