{"_id":"6a97194eb19f14d0a1038d03","slug":"a-learning-enhancement-program-will-be-launched-to-bridge-learning-gaps-in-council-schools-varanasi-news-c-295-1-svns1028-151280-2026-09-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Varanasi News: परिषदीय विद्यालयों में लर्निंग गैप खत्म करने के लिए शुरू होगा लर्निंग एनहेसमेंट प्रोग्राम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Varanasi News: परिषदीय विद्यालयों में लर्निंग गैप खत्म करने के लिए शुरू होगा लर्निंग एनहेसमेंट प्रोग्राम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले के परिषदीय उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में शिक्षा का स्तर सुधारने और बच्चों के लर्निंग गैप को खत्म करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने लर्निंग एनहेसमेंट प्रोग्राम शुरू करने की तैयारी की है।
इसके तहत कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों की शैक्षणिक दक्षता में सुधार कर उन्हें विषयवार दक्ष बनाया जाएगा। योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा पढ़ाई में पीछे न रहे।
जिले में 765 प्राथमिक, 159 उच्च प्राथमिक और 286 कंपोजिट विद्यालय हैं, जिनमें करीब 1.25 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। निपुण भारत मिशन के तहत कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को भाषा और गणित समेत अन्य विषयों में दक्ष बनाया जा रहा है।
विज्ञापन
इसी क्रम में उच्च प्राथमिक स्तर पर लर्निंग गैप दूर करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। योजना के तहत सभी परिषदीय विद्यालयों में विज्ञान और गणित सर्किल का गठन किया जाएगा।
इनके माध्यम से किताबी ज्ञान के साथ प्रोजेक्ट, वर्किंग मॉडल और विशेष शिक्षण किट का इस्तेमाल कर विद्यार्थियों को विषयों की अवधारणाएं सरल तरीके से समझाई जाएंगी। वहीं, अंग्रेजी शिक्षण को रुचिकर और प्रभावी बनाने के लिए विशेष रूप से तैयार ऑडियो-वीडियो मॉड्यूल का उपयोग किया जाएगा। डायट प्रवक्ता डॉ. संदीप राय ने बताया कि लर्निंग एनहेसमेंट प्रोग्राम के जरिए बच्चों के लर्निंग गैप को दूर किया जाएगा। कमजोर विद्यार्थियों के लिए कैचअप शिक्षण प्रक्रिया अपनाई जाएगी, ताकि वे अपनी कक्षा के अनुरूप शैक्षणिक स्तर हासिल कर सकें।
विज्ञापन
इसके तहत कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों की शैक्षणिक दक्षता में सुधार कर उन्हें विषयवार दक्ष बनाया जाएगा। योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा पढ़ाई में पीछे न रहे।
विज्ञापन
जिले में 765 प्राथमिक, 159 उच्च प्राथमिक और 286 कंपोजिट विद्यालय हैं, जिनमें करीब 1.25 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। निपुण भारत मिशन के तहत कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को भाषा और गणित समेत अन्य विषयों में दक्ष बनाया जा रहा है।
विज्ञापन
इसी क्रम में उच्च प्राथमिक स्तर पर लर्निंग गैप दूर करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। योजना के तहत सभी परिषदीय विद्यालयों में विज्ञान और गणित सर्किल का गठन किया जाएगा।
इनके माध्यम से किताबी ज्ञान के साथ प्रोजेक्ट, वर्किंग मॉडल और विशेष शिक्षण किट का इस्तेमाल कर विद्यार्थियों को विषयों की अवधारणाएं सरल तरीके से समझाई जाएंगी। वहीं, अंग्रेजी शिक्षण को रुचिकर और प्रभावी बनाने के लिए विशेष रूप से तैयार ऑडियो-वीडियो मॉड्यूल का उपयोग किया जाएगा। डायट प्रवक्ता डॉ. संदीप राय ने बताया कि लर्निंग एनहेसमेंट प्रोग्राम के जरिए बच्चों के लर्निंग गैप को दूर किया जाएगा। कमजोर विद्यार्थियों के लिए कैचअप शिक्षण प्रक्रिया अपनाई जाएगी, ताकि वे अपनी कक्षा के अनुरूप शैक्षणिक स्तर हासिल कर सकें।