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Varanasi News: जापान से सारनाथ आएगा 70 बौद्ध भिक्षुओं का दल
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उत्तर प्रदेश-जापान के सांस्कृतिक संबंधों को करेंगे मजबूत
अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। भगवान बुद्ध की तपस्थली सारनाथ, वाराणसी में सोमवार को जापान से 70 भिक्षुओं का एक विशेष दल पहुंचेगा। यह दल स्थानीय भ्रमण के साथ ही उत्तर प्रदेश और जापान के सांस्कृतिक संबंधों को भी मजबूती देगा।
बौद्ध भिक्षुओं का समूह भगवान बुद्ध से जुड़े पवित्र स्थलों के दर्शन करेंगे। सारनाथ स्थित धमेख स्तूप और चौखंडी स्तूप देखेंगे। सारनाथ बौद्ध संस्कृति का महत्वपूर्ण प्रतीक स्थल है। विदेशी मेहमान भगवान बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। यात्रा सांस्कृतिक और धार्मिक संवाद को बढ़ावा देने के साथ-साथ भारत और जापान के संबंधों को और मजबूती देगा।
पर्यटन व संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि सारनाथ में जापानी मंदिर भी दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक मैत्री का एक यादगार स्थल है। सारनाथ में नीची रेन शययू नामक भगवान बुद्ध का मंदिर है। यह जापानी बौद्ध मंदिर ठीक वैसा ही है, जैसा जापान के क्योटो शहर में है। जापानी बौद्ध अनुयायी होजो सासाकी ने सारनाथ में इस मंदिर का निर्माण करवाया था। प्रदेश में सारनाथ, कुशीनगर और श्रावस्ती में भगवान बुद्ध से जुड़े स्थलों में हर साल काफी श्रद्धालु यहां आते हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। भगवान बुद्ध की तपस्थली सारनाथ, वाराणसी में सोमवार को जापान से 70 भिक्षुओं का एक विशेष दल पहुंचेगा। यह दल स्थानीय भ्रमण के साथ ही उत्तर प्रदेश और जापान के सांस्कृतिक संबंधों को भी मजबूती देगा।
बौद्ध भिक्षुओं का समूह भगवान बुद्ध से जुड़े पवित्र स्थलों के दर्शन करेंगे। सारनाथ स्थित धमेख स्तूप और चौखंडी स्तूप देखेंगे। सारनाथ बौद्ध संस्कृति का महत्वपूर्ण प्रतीक स्थल है। विदेशी मेहमान भगवान बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। यात्रा सांस्कृतिक और धार्मिक संवाद को बढ़ावा देने के साथ-साथ भारत और जापान के संबंधों को और मजबूती देगा।
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पर्यटन व संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि सारनाथ में जापानी मंदिर भी दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक मैत्री का एक यादगार स्थल है। सारनाथ में नीची रेन शययू नामक भगवान बुद्ध का मंदिर है। यह जापानी बौद्ध मंदिर ठीक वैसा ही है, जैसा जापान के क्योटो शहर में है। जापानी बौद्ध अनुयायी होजो सासाकी ने सारनाथ में इस मंदिर का निर्माण करवाया था। प्रदेश में सारनाथ, कुशीनगर और श्रावस्ती में भगवान बुद्ध से जुड़े स्थलों में हर साल काफी श्रद्धालु यहां आते हैं।
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