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कुंभ मेले में चतुष्पथ के लिए उपवास
Varanasi
Updated Fri, 04 Jan 2013 05:30 AM IST
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वाराणसी। कुंभ मेले में शंकराचार्य चतुष्पथ की स्थापना और लापता संत परिपूर्णानंद का पता लगाने की मांग को लेकर गुरुवार की दोपहर बाद लोगों ने सामूहिक उपवास किया। गंगा सेवा अभियानम और गोपी मांटेसरी स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में छात्र-छात्राओं, महिलाओं ने शंकुलधारा पोखरे पर उपवास रखा।
इस दौरान स्वामी परिपूर्णानंद को वापस लाओ, चतुष्पथ का निर्माण करो, शंकराचार्य का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान... जैसे नारे लगाए जा रहे थे। वक्ताओं का कहना था कि गंगा, गऊ और संतों का अपमान गहरी साजिश का हिस्सा है। कुंभ में असली शंकराचार्यों को शंकर चतुष्पथ के लिए जमीन आवंटित नहीं की जा रही है, जबकि 10 हजार नई संस्थाओं को शिविर लगाने के लिए भूमि दी गई है। मेला प्रशासन को चाहिए कि वह तत्काल नाराज द्वारका-शारदा, ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती को वापस बुलाए, ताकि कुंभ शास्त्र सम्मत हो सके। उपवास करने वालों में अभियानम के पूर्वांचल संयोजक संजय पांडेय, स्कूल की प्रधानाचार्य विद्या ग्वाल, रागिनी पांडेय, सावित्री पांडेय, सारिका गुप्ता, अंजली श्रीवास्तव, अंजू श्रीवास्तव, उर्मिला अग्रवाल, नीला देवी, उषा देवी, उषा केसरी, अजय अग्रवाल, माया पांडेय समेत तमाम महिलाएं शामिल थीं।संचालन यतींद्र चतुर्वेदी ने किया। अध्यक्षता काल भैरव मंदिर के महंत नवीन गिरि ने की।
उधर, राणा महल घाट पर हुई विश्व हिंदू सद्भावना विकास परिषद की बैठक में शंकर चतुष्पथ पर राज्य सरकार से हठ छोड़ने की अपील की गई। कहा गया कि जब शंकराचार्य ही कुंभ मेला में नहीं जाएंगे तो फिर वहां स्नान लाभ के लिए पहुंचने वाले भक्तों को दीक्षा कैसे मिल पाएगी। इस मौके पर स्वामी हरिओम शरण, गुरु माधव , हरिशंकर गुप्त, दिलीप चक्रवाल, पं. मानिक चंद्र शर्मा, नारायण सिंह, पुर्णेंदु शेखर मिश्र, स्वामी गिरीश, अतुल मालवीय और सतीश कुमार कसेरा उपस्थित थे।
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इस दौरान स्वामी परिपूर्णानंद को वापस लाओ, चतुष्पथ का निर्माण करो, शंकराचार्य का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान... जैसे नारे लगाए जा रहे थे। वक्ताओं का कहना था कि गंगा, गऊ और संतों का अपमान गहरी साजिश का हिस्सा है। कुंभ में असली शंकराचार्यों को शंकर चतुष्पथ के लिए जमीन आवंटित नहीं की जा रही है, जबकि 10 हजार नई संस्थाओं को शिविर लगाने के लिए भूमि दी गई है। मेला प्रशासन को चाहिए कि वह तत्काल नाराज द्वारका-शारदा, ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती को वापस बुलाए, ताकि कुंभ शास्त्र सम्मत हो सके। उपवास करने वालों में अभियानम के पूर्वांचल संयोजक संजय पांडेय, स्कूल की प्रधानाचार्य विद्या ग्वाल, रागिनी पांडेय, सावित्री पांडेय, सारिका गुप्ता, अंजली श्रीवास्तव, अंजू श्रीवास्तव, उर्मिला अग्रवाल, नीला देवी, उषा देवी, उषा केसरी, अजय अग्रवाल, माया पांडेय समेत तमाम महिलाएं शामिल थीं।संचालन यतींद्र चतुर्वेदी ने किया। अध्यक्षता काल भैरव मंदिर के महंत नवीन गिरि ने की।
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उधर, राणा महल घाट पर हुई विश्व हिंदू सद्भावना विकास परिषद की बैठक में शंकर चतुष्पथ पर राज्य सरकार से हठ छोड़ने की अपील की गई। कहा गया कि जब शंकराचार्य ही कुंभ मेला में नहीं जाएंगे तो फिर वहां स्नान लाभ के लिए पहुंचने वाले भक्तों को दीक्षा कैसे मिल पाएगी। इस मौके पर स्वामी हरिओम शरण, गुरु माधव , हरिशंकर गुप्त, दिलीप चक्रवाल, पं. मानिक चंद्र शर्मा, नारायण सिंह, पुर्णेंदु शेखर मिश्र, स्वामी गिरीश, अतुल मालवीय और सतीश कुमार कसेरा उपस्थित थे।
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