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समाज विरोधी आचरण न करें छात्र : माता प्रसाद
Varanasi
Updated Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
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वाराणसी। प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा है कि छात्र ऐसा आचरण न करें जो समाज विरोधी तथा नैतिकता विरोधी हो। साथ ही समाज में आदर्श स्थापित करें। देश की राजनीति तथा देश के विकास में अपनी भागीदारी दें। युवा शक्ति राष्ट्र की दिशा बदल सकता है। वे संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय छात्रसंघ उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे।
शताब्दी भवन में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि छात्रसंघ के जरिये युवाओं को देश के विकास तथा नैतिक मूल्यों की रक्षा का अवसर दिया गया है। चुनौती इस पर खरा उतरने की है। छात्र शक्ति को अपने आचरण से लोहा मनवाना है। छात्रसंघ छात्र राजनीति की प्रथम पाठशाला है। इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अनुसरण करने की सीख मिलती है। साथ ही देश के विकास के लिए जरूरी चीजों का प्रशिक्षण भी मिलता है। उन्होंने कहा कि नौजवान कभी पीछे मुड़कर नहीं देखता है। वह अपने मार्गों पर सदा आगे बढ़ना चाहता है। इसमें कभी कभार टकराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। छात्रों का यह कर्तव्य है कि वे ऐसी स्थिति उत्पन्न न होने दें जिससे छात्रसंघ तथा छात्र शक्ति पर उंगुली उठे। श्री पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय में उपलब्ध पांडुलिपियों का संरक्षण किया जाना जरूरी है। संस्कृत में उपलब्ध दुर्लभ पांडुलिपियों का अन्य भाषाओं में अनुवाद करने पर बल देते हुए कहा कि इसकी न सिर्फ संरक्षण की जरूरत है बल्कि इससे लोगों को रूबरू भी किया जाना चाहिए। कहा कि विश्वविद्यालय के छात्रों, अध्यापकों तथा कर्मचारियों पर भारतीय संस्कृति तथा देववाणी संस्कृत की रक्षा की जिम्मेदारी है। यह यहां के लोगों का नैतिक कर्तव्य भी है। इसमें कतई चूक न होने पाए। उन्होंने विश्वविद्यालय की समस्याओं को दूर करने तथा विकास के लिए जरूरी फंड के इंतजाम का भरोसा दिलाया।
वाइसचांसलर प्रो. बिंदा प्रसाद मिश्र ने कहा कि विश्वविद्यालय में व्याप्त समस्याओं के समाधान के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हें दूर करने का संकल्प लेते हुए सभी से सहयोग की अपील की। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री शतरुद्र प्रकाश, सपा महानगर अध्यक्ष डा. ओपी सिंह, जिलाध्यक्ष अखिलेश मिश्र, डा. उमाशंकर यादव, मनोज राय धूपचंडी, छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष उमापति उपाध्याय, डा. गिरजानंद चौबे, डा. रमाकांत पांडेय, जनकनंदिनी शरण बाबा, रेवती रमण त्रिपाठी, अवधेश तिवारी, नवनीत पांडेय अतुल उपस्थित रहे। छात्रसंघ अध्यक्ष अभिषेक द्विवेदी गणेश ने अतिथियों का स्वागत किया। महामंत्री विनोद कुमार मिश्र एवं पुस्तकालय मंत्री लवलेश द्विवेदी ने अतिथियों को तिलक लगाकर स्वागत किया। संचालन पूर्व अध्यक्ष डा. रवि कुमार मिश्र तथा धन्यवाद ज्ञापन छात्रसंघ उपाध्यक्ष ललित कुमार मिश्र ने किया। समारोह के बाद माता प्रसाद पांडेय ने विवि परिसर स्थित छात्रसंघ भवन का उद्घाटन फीता काटकर किया।
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शताब्दी भवन में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि छात्रसंघ के जरिये युवाओं को देश के विकास तथा नैतिक मूल्यों की रक्षा का अवसर दिया गया है। चुनौती इस पर खरा उतरने की है। छात्र शक्ति को अपने आचरण से लोहा मनवाना है। छात्रसंघ छात्र राजनीति की प्रथम पाठशाला है। इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अनुसरण करने की सीख मिलती है। साथ ही देश के विकास के लिए जरूरी चीजों का प्रशिक्षण भी मिलता है। उन्होंने कहा कि नौजवान कभी पीछे मुड़कर नहीं देखता है। वह अपने मार्गों पर सदा आगे बढ़ना चाहता है। इसमें कभी कभार टकराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। छात्रों का यह कर्तव्य है कि वे ऐसी स्थिति उत्पन्न न होने दें जिससे छात्रसंघ तथा छात्र शक्ति पर उंगुली उठे। श्री पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय में उपलब्ध पांडुलिपियों का संरक्षण किया जाना जरूरी है। संस्कृत में उपलब्ध दुर्लभ पांडुलिपियों का अन्य भाषाओं में अनुवाद करने पर बल देते हुए कहा कि इसकी न सिर्फ संरक्षण की जरूरत है बल्कि इससे लोगों को रूबरू भी किया जाना चाहिए। कहा कि विश्वविद्यालय के छात्रों, अध्यापकों तथा कर्मचारियों पर भारतीय संस्कृति तथा देववाणी संस्कृत की रक्षा की जिम्मेदारी है। यह यहां के लोगों का नैतिक कर्तव्य भी है। इसमें कतई चूक न होने पाए। उन्होंने विश्वविद्यालय की समस्याओं को दूर करने तथा विकास के लिए जरूरी फंड के इंतजाम का भरोसा दिलाया।
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वाइसचांसलर प्रो. बिंदा प्रसाद मिश्र ने कहा कि विश्वविद्यालय में व्याप्त समस्याओं के समाधान के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हें दूर करने का संकल्प लेते हुए सभी से सहयोग की अपील की। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री शतरुद्र प्रकाश, सपा महानगर अध्यक्ष डा. ओपी सिंह, जिलाध्यक्ष अखिलेश मिश्र, डा. उमाशंकर यादव, मनोज राय धूपचंडी, छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष उमापति उपाध्याय, डा. गिरजानंद चौबे, डा. रमाकांत पांडेय, जनकनंदिनी शरण बाबा, रेवती रमण त्रिपाठी, अवधेश तिवारी, नवनीत पांडेय अतुल उपस्थित रहे। छात्रसंघ अध्यक्ष अभिषेक द्विवेदी गणेश ने अतिथियों का स्वागत किया। महामंत्री विनोद कुमार मिश्र एवं पुस्तकालय मंत्री लवलेश द्विवेदी ने अतिथियों को तिलक लगाकर स्वागत किया। संचालन पूर्व अध्यक्ष डा. रवि कुमार मिश्र तथा धन्यवाद ज्ञापन छात्रसंघ उपाध्यक्ष ललित कुमार मिश्र ने किया। समारोह के बाद माता प्रसाद पांडेय ने विवि परिसर स्थित छात्रसंघ भवन का उद्घाटन फीता काटकर किया।
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