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78 लोगों ने की एक मकान की रजिस्ट्री
Varanasi
Updated Tue, 20 Nov 2012 12:00 PM IST
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वाराणसी। जैतपुरा इलाके के रसूलपुरा में 932 वर्ग फीट जमीन पर बने दो मंजिला मकान की रजिस्ट्री करने सोमवार को 78 लोगों का कुनबा निबंधन कार्यालय पहुंचा। इनमें सबसे अधिक उम्र की 92 साल की बन्नी हज्जिन और सबसे कम आयु के 21 वर्षीय मो. जुनैद शामिल थे। कुल 128 पृष्ठ का और 20 हजार से अधिक अंगूठे के निशान वाला बैनामा दाखिल किया गया। भवन क्रेता को मकान के सभी दावेदारों की सहमत बनाने में एक पखवाड़े से अधिक का समय लग गया। निबंधन कार्यालय की कागजी प्रक्रिया तीन घंटे से अधिक समय तक चली।
लगभग डेढ़ सौ साल पहले अलीमुल्ला, समीउल्ला और हरमतुल्ला ने रसूलपुरा में दो मंजिला मकान बनवाया था। उनका कुनबा बढ़ता गया तो लोग दूसरी जगहों पर जमीन खरीद कर बसते चले गए। मकान के दावेदार जैतपुरा, लोहता, दुलहीपुर (चंदौली) जाकर बस गए। केवल बदरुद्दीन ही मकान में काबिज रहे। बाकराबाद के जमाल अहमद ने मकान खरीदने की बात चलाई। उन्होंने इसके सभी दावेदारों से संपर्क किया। परिवार के सदस्य कुतुबुद्दीन ने बताया कि सभी दावेदारों को एकत्रित करने में छह दिन लग गए। महिलाओं में सर्वाधिक बुजुर्ग बन्नी हज्जिन (90) और पुरुषों में नुरुद्दीन (70) को लाने में मुश्किल भी हुई। रजिस्ट्री पर हस्ताक्षर करने वालों में मकान बनवाने वालों के परपोते, परपोतियां और परनाती शामिल हैं। उन्होंने बताया कि शरियत के मुताबिक जिनका भी हिस्सा बनता था। सबको एकत्रित किया गया है। इनमें नवासों और महिलाओं की संख्या ज्यादा थी। उनके अधिवक्ता सरताज हुसैन ने बताया कि मकान का मूल्यांकन तकरीबन 20 लाख किया गया है और एक लाख 40 लाख रुपये के स्टांप पेपर लगे हैं। सबके हस्ताक्षर हो जाएं इसलिए कम मूल्य के स्टांप खरीदे गए। रजिस्ट्री उप निबंधक प्रथम शैलेंद्र कुमार सिंह के समक्ष की गई।
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लगभग डेढ़ सौ साल पहले अलीमुल्ला, समीउल्ला और हरमतुल्ला ने रसूलपुरा में दो मंजिला मकान बनवाया था। उनका कुनबा बढ़ता गया तो लोग दूसरी जगहों पर जमीन खरीद कर बसते चले गए। मकान के दावेदार जैतपुरा, लोहता, दुलहीपुर (चंदौली) जाकर बस गए। केवल बदरुद्दीन ही मकान में काबिज रहे। बाकराबाद के जमाल अहमद ने मकान खरीदने की बात चलाई। उन्होंने इसके सभी दावेदारों से संपर्क किया। परिवार के सदस्य कुतुबुद्दीन ने बताया कि सभी दावेदारों को एकत्रित करने में छह दिन लग गए। महिलाओं में सर्वाधिक बुजुर्ग बन्नी हज्जिन (90) और पुरुषों में नुरुद्दीन (70) को लाने में मुश्किल भी हुई। रजिस्ट्री पर हस्ताक्षर करने वालों में मकान बनवाने वालों के परपोते, परपोतियां और परनाती शामिल हैं। उन्होंने बताया कि शरियत के मुताबिक जिनका भी हिस्सा बनता था। सबको एकत्रित किया गया है। इनमें नवासों और महिलाओं की संख्या ज्यादा थी। उनके अधिवक्ता सरताज हुसैन ने बताया कि मकान का मूल्यांकन तकरीबन 20 लाख किया गया है और एक लाख 40 लाख रुपये के स्टांप पेपर लगे हैं। सबके हस्ताक्षर हो जाएं इसलिए कम मूल्य के स्टांप खरीदे गए। रजिस्ट्री उप निबंधक प्रथम शैलेंद्र कुमार सिंह के समक्ष की गई।
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