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शहर के संवेदनशील इलाकों में पटाखे का जखीरा
Varanasi
Updated Sun, 11 Nov 2012 12:00 PM IST
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वाराणसी। काशी विश्वनाथ मंदिर, दालमंडी, चौक, ज्ञानवापी जैसे संवेदनशील इलाके में पटाखे का जखीरा पड़ा है। यहां से रोजाना कई क्विंटल पटाखे बिक रहे हैं। पुलिस एवं जिला प्रशासन इस ओर से आंख मूंदे हुए है। इलाके में दो बड़े लाइसेंसी दुकानदार हैं जबकि 12 दुकानें अवैध तरीके से संचालित हो रही हैं।
जिले में पटाखे के कुल 28 लाइसेंसी कारोबारी हैं। इनमें से 19 शहरी क्षेत्र में हैं। बड़ागांव के बसनी के एक दुकानदार को सर्वाधिक 120 किलो पटाखे का स्टाक करने की अनुमति है। पांच कारोबारियों ने आगरा से लाइसेंस लिया है। उनके स्टाक का विवरण प्रशासन के रिकार्ड में नहीं है। इसमें दो दालमंडी में हैं। इनका लाइसेंस 2007 में निरस्त कर दिया गया था। उसके बाद भी उनके यहां से पटाखे बरामद हुए। पिछले साल भी निर्धारित स्टाक से ज्यादा पटाखों की बरामदगी यहां से की गई थी। गत वर्ष 20 अक्टूबर को एक मकान में विस्फोट भी हुआ था। नया चौक, दालमंडी मार्ग, छत्ता तले में बारह से अधिक दुकानों पर बगैर अनुमति के फुटकर में पटाखे बिक रहे हैं। कई मकानों में अवैध तरीके से भंडारण की सूचना है। यह स्थिति तब है जब फुटकर कारोबारियों को नियंत्रित करने की योजना बनाई गई है। उनको तय 19 स्थलों पर ही तीन दिनों तक पटाखे बेचने की अनुमति दी जाएगी लेकिन अभी से अवैध तरीके से पटाखों की बिक्री जोरों पर है। शिव बारात समिति के दिलीप सिंह की जनहित याचिका के संबंध में पड़ताल के दौरान पाया गया कि बाहर निकालना तो दूर आयुध अधिकारी ने एक लाइसेंसी के भंडारण की सीमा 50 किलो से बढ़ाकर 1050 किलो का कर दी। 2007 में तत्कालीन डीएम वीणा ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। दिलीप का कहना है कि प्रशासन ने कोर्ट में काउंटर एफिडेविट दिया है, इसकी अनदेखी कर पटाखा लाइसेंस की अनुमति प्रदान कर दी गई है।
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जिले में पटाखे के कुल 28 लाइसेंसी कारोबारी हैं। इनमें से 19 शहरी क्षेत्र में हैं। बड़ागांव के बसनी के एक दुकानदार को सर्वाधिक 120 किलो पटाखे का स्टाक करने की अनुमति है। पांच कारोबारियों ने आगरा से लाइसेंस लिया है। उनके स्टाक का विवरण प्रशासन के रिकार्ड में नहीं है। इसमें दो दालमंडी में हैं। इनका लाइसेंस 2007 में निरस्त कर दिया गया था। उसके बाद भी उनके यहां से पटाखे बरामद हुए। पिछले साल भी निर्धारित स्टाक से ज्यादा पटाखों की बरामदगी यहां से की गई थी। गत वर्ष 20 अक्टूबर को एक मकान में विस्फोट भी हुआ था। नया चौक, दालमंडी मार्ग, छत्ता तले में बारह से अधिक दुकानों पर बगैर अनुमति के फुटकर में पटाखे बिक रहे हैं। कई मकानों में अवैध तरीके से भंडारण की सूचना है। यह स्थिति तब है जब फुटकर कारोबारियों को नियंत्रित करने की योजना बनाई गई है। उनको तय 19 स्थलों पर ही तीन दिनों तक पटाखे बेचने की अनुमति दी जाएगी लेकिन अभी से अवैध तरीके से पटाखों की बिक्री जोरों पर है। शिव बारात समिति के दिलीप सिंह की जनहित याचिका के संबंध में पड़ताल के दौरान पाया गया कि बाहर निकालना तो दूर आयुध अधिकारी ने एक लाइसेंसी के भंडारण की सीमा 50 किलो से बढ़ाकर 1050 किलो का कर दी। 2007 में तत्कालीन डीएम वीणा ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। दिलीप का कहना है कि प्रशासन ने कोर्ट में काउंटर एफिडेविट दिया है, इसकी अनदेखी कर पटाखा लाइसेंस की अनुमति प्रदान कर दी गई है।
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