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काशी विद्यापीठ में बवाल, तोड़फोड़
Varanasi
Updated Thu, 01 Nov 2012 12:00 PM IST
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वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में बुधवार को जमकर बवाल हुआ। लाइब्रेरी की दुर्व्यवस्था से नाराज छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में सभी कक्षाएं बंद करा दीं। गमले तथा दरवाजे तोड़ दिए। पथराव कर खिड़कियों के शीशे तोड़ डाले। रजिस्ट्रार की गाड़ी में आग लगाने की कोशिश की गई। इससे परिसर में अफरा तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। छात्राएं भयवश भागने लगीं। बाद में वीसी ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया तब जाकर मामला शांत हुआ।
मामला सुबह लगभग साढ़े दस बजे शुरू हुआ। छात्रों ने लाइब्रेरी की समस्या को लेकर मुख्य गेट पर धरना शुरू किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने चीफ प्राक्टर को छात्रों की मांगों के बाबत बातचीत करने को भेजा। बातचीत करने के बाद वे छात्रों के साथ लाइब्रेरी पहुंचीं ताकि उनकी समस्याओं का त्वरित निस्तारण हो सके। बताते हैं कि यहां बातचीत में कोई सकारात्मक हल नहीं निकल सका। बात यहीं से बिगड़ गई। छात्र नाराज हो गए। उन्होंने नारे लगाते हुए परिसर में जुलूस निकाला। मानविकी संकाय, पत्रकारिता संस्थान, लाइब्रेरी, समाज विज्ञान संकाय, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संकाय, समाजकार्य संकाय, मंच कला संकाय, विधि संकाय, वाणिज्य संकाय में घूमकर कक्षाएं बंद करा दीं। पंत प्रशासनिक भवन के समक्ष धरने पर बैठ गए। छात्रों के रुख को देखते हुए वीसी डा. पी नाग ने छात्रसंघ पदाधिकारियों को वार्ता के लिए आमंत्रित किया। वार्ता के बाद वीसी के प्रतिनिधि के रूप में प्रो. राममोहन पाठक ने छात्रों के बीच आकर समस्याओं के जल्द से जल्द समाधान का आश्वासन दिया तब जाकर धरना समाप्त हुआ। छात्रों के हंगामे की सूचना पर कई थानों की पुलिस तथा आरएएफ मौके पर पहुंच गई थी। धरना-प्रदर्शन में छात्रसंघ अध्यक्ष आशुतोष कुमार, महामंत्री दिलीप कुमार, उपाध्यक्ष अभिषेक सिंह तथा पुस्तकालय मंत्री गौरव शर्मा सहित काफी संख्या में छात्र शामिल थे।
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मामला सुबह लगभग साढ़े दस बजे शुरू हुआ। छात्रों ने लाइब्रेरी की समस्या को लेकर मुख्य गेट पर धरना शुरू किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने चीफ प्राक्टर को छात्रों की मांगों के बाबत बातचीत करने को भेजा। बातचीत करने के बाद वे छात्रों के साथ लाइब्रेरी पहुंचीं ताकि उनकी समस्याओं का त्वरित निस्तारण हो सके। बताते हैं कि यहां बातचीत में कोई सकारात्मक हल नहीं निकल सका। बात यहीं से बिगड़ गई। छात्र नाराज हो गए। उन्होंने नारे लगाते हुए परिसर में जुलूस निकाला। मानविकी संकाय, पत्रकारिता संस्थान, लाइब्रेरी, समाज विज्ञान संकाय, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संकाय, समाजकार्य संकाय, मंच कला संकाय, विधि संकाय, वाणिज्य संकाय में घूमकर कक्षाएं बंद करा दीं। पंत प्रशासनिक भवन के समक्ष धरने पर बैठ गए। छात्रों के रुख को देखते हुए वीसी डा. पी नाग ने छात्रसंघ पदाधिकारियों को वार्ता के लिए आमंत्रित किया। वार्ता के बाद वीसी के प्रतिनिधि के रूप में प्रो. राममोहन पाठक ने छात्रों के बीच आकर समस्याओं के जल्द से जल्द समाधान का आश्वासन दिया तब जाकर धरना समाप्त हुआ। छात्रों के हंगामे की सूचना पर कई थानों की पुलिस तथा आरएएफ मौके पर पहुंच गई थी। धरना-प्रदर्शन में छात्रसंघ अध्यक्ष आशुतोष कुमार, महामंत्री दिलीप कुमार, उपाध्यक्ष अभिषेक सिंह तथा पुस्तकालय मंत्री गौरव शर्मा सहित काफी संख्या में छात्र शामिल थे।
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