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प्रदर्शनी में झलका विवेकानंद का जीवन-दर्शन
Varanasi
Updated Mon, 16 Jul 2012 12:00 PM IST
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वाराणसी। स्वामी विवेकानंद की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसी के तहत पश्चिमी बंगाल से चलकर देश के विभिन राज्यों से होते हुए स्वामीजी के जीवन दर्शन को समेटे विवेक एक्सप्रेस रविवार को कैंट स्टेशन पहुंची। इसमें विवेकानंद से संबंधित तस्वीरें प्रदर्शित की गई हैं।
स्टेशन के यात्रा साइडिंग में सुबह नौ बजे रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम के सचिव स्वामी अन्नपूर्णानंद जी ने प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। पांच बोगियों वाली विवेक एक्सप्रेस 23 मई 2012 को बेलूर मठ से रवाना हुई थी। इसकी दो बोगियों में विवेकानंद के ज्ञान, उपदेश और उनके अनुभवों पर आधारित फोटो प्रदर्शित किए गए हैं। इसके माध्यम से उनके संदेश और विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। पहले दिन प्रदर्शनी देखने वालों की संख्या काफी कम रही। भोजूबीर निवासी कक्षा छह के छात्र रत्नदीप, कक्षा तीन की आकांक्षा पाठक, आस्था अपने पिता के साथ प्रदर्शनी देखने पहुंची थीं। रत्नदीप ने कहा कि विवेकानंद पर हम सबको गर्व है। 11वीं के छात्र विवेकानंद से काफी प्रभावित दिखे। प्रदर्शनी के इंचार्ज श्यामा पोशा प्रसाद कार ने बताया कि आम लोग सुबह दस बजे से शाम छह बजे तक प्रदर्शनी का अवलोकन कर सकते हैं। उनका कहना था कि इसके और प्रचार की जरूरत है।
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स्टेशन के यात्रा साइडिंग में सुबह नौ बजे रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम के सचिव स्वामी अन्नपूर्णानंद जी ने प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। पांच बोगियों वाली विवेक एक्सप्रेस 23 मई 2012 को बेलूर मठ से रवाना हुई थी। इसकी दो बोगियों में विवेकानंद के ज्ञान, उपदेश और उनके अनुभवों पर आधारित फोटो प्रदर्शित किए गए हैं। इसके माध्यम से उनके संदेश और विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। पहले दिन प्रदर्शनी देखने वालों की संख्या काफी कम रही। भोजूबीर निवासी कक्षा छह के छात्र रत्नदीप, कक्षा तीन की आकांक्षा पाठक, आस्था अपने पिता के साथ प्रदर्शनी देखने पहुंची थीं। रत्नदीप ने कहा कि विवेकानंद पर हम सबको गर्व है। 11वीं के छात्र विवेकानंद से काफी प्रभावित दिखे। प्रदर्शनी के इंचार्ज श्यामा पोशा प्रसाद कार ने बताया कि आम लोग सुबह दस बजे से शाम छह बजे तक प्रदर्शनी का अवलोकन कर सकते हैं। उनका कहना था कि इसके और प्रचार की जरूरत है।
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