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महिला सीडीपीओ गिरफ्तार, जेल भेजी गईं
Varanasi
Updated Sat, 14 Jul 2012 12:00 PM IST
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लोहता (वाराणसी)। लोहता पुलिस ने फर्जीवाड़े के एक मामले में निलंबित बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) को नाटकीय ढंग से शुक्रवार की शाम गिरफ्तार कर लिया। एसीजेएम चतुर्थ की अदालत ने जमानत का आधार नहीं पाते हुए सीडीपीओ को जेल भेज दिया।
गोकुलपुर मंडुवाडीह की रहने वाली बाल विकास परियोजना अधिकारी कुसुम तारा राय, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री रज्जो देवी और सोनी के खिलाफ 22 जून 2011 को तत्कालीन बाल विकास परियोजना अधिकारी सुरेश कुमार गुप्ता ने लोहता थाने में फर्जीवाड़े का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि सीडीपीओ ने दोनों आगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों की नियुक्ति के दौरान उनकी मार्कशीट की जन्मतिथि में हेराफेरी की है। आरोप गंभीर मिलने पर शासन ने सीडीपीओ कुसुतारा को निलंबित कर दिया था। जबकि मुकदमे की जांच के दौरान दोनों आगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों ने अदालत से स्थगनादेश हासिल कर लिया था। शुक्रवार को लोहता पुलिस नाटकीय ढंग से निलंबित सीडीपीओ को लेकर एसीजेएम चतुर्थ की अदालत में पेश कर दिया। अदालत ने आरोपी के अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत अरजी खारिज कर दी।
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गोकुलपुर मंडुवाडीह की रहने वाली बाल विकास परियोजना अधिकारी कुसुम तारा राय, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री रज्जो देवी और सोनी के खिलाफ 22 जून 2011 को तत्कालीन बाल विकास परियोजना अधिकारी सुरेश कुमार गुप्ता ने लोहता थाने में फर्जीवाड़े का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि सीडीपीओ ने दोनों आगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों की नियुक्ति के दौरान उनकी मार्कशीट की जन्मतिथि में हेराफेरी की है। आरोप गंभीर मिलने पर शासन ने सीडीपीओ कुसुतारा को निलंबित कर दिया था। जबकि मुकदमे की जांच के दौरान दोनों आगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों ने अदालत से स्थगनादेश हासिल कर लिया था। शुक्रवार को लोहता पुलिस नाटकीय ढंग से निलंबित सीडीपीओ को लेकर एसीजेएम चतुर्थ की अदालत में पेश कर दिया। अदालत ने आरोपी के अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत अरजी खारिज कर दी।
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