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सपा शासन में बिगड़ी कानून व्यवस्था

Sun, 10 Jun 2012 12:00 PM IST
Varanasi
Varanasi Updated Sun, 10 Jun 2012 12:00 PM IST
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वाराणसी। सपा की सरकार बनने के बाद कानून व्यवस्था बिगड़ गई है। पिछले साल की तुलना में इस साल के रिकार्ड तो यही बताते हैं। वर्ष 2011 में मार्च से लेकर जून तक कुल दस हत्याएं हुई थीं। इस साल नौ जून तक ही 12 हत्याएं हो चुकी हैं। व्यापारियों को दुकान में घुसकर और सड़कों पर दौड़ाकर गोली मारी जा रही है। बिहार के उचक्के पुलिस के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बने हैं। हर चौराहे पर राहगीर उचक्कागिरी का शिकार हो रहे हैें।
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पंद्रह मार्च को सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दावा किया था कि कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए पुलिस हर कडे़ कदम उठाएगी। मुख्यमंत्री का यह दावा बनारस में प्रभावी नहीं दिखा। महीने भर में हुई घटनाओं ने लोगों को दहला दिया है। अर्दली बाजार में स्टेट बैंक कर्मचारी महेश जायसवाल की सरेबाजार गोली मार कर हत्या कर दी गई। मंडुआडीह में ट्रैक्टर चालक की हत्या की गई। शिवपुर में मार्बल व्यवसायी को दुकान में घुसकर गोली मारी गई। शिवपुर में रिटायर्ड महिला सिपाही की सिर कूंच कर हत्या कर दी गई। आदमपुर में बदमाशों ने मिल व्यवसायी को दौड़ा कर गोली मारी। छह लाख रुपये लूट लिए गए। हत्याओं का खुलासा तो पुलिस ने किया लेकिन लूट का खुलासा नहीं कर सकी। रथयात्रा में बैंक के सामने उचक्के पांच लाख रुपये लेकर चंपत हो गए और पुलिस हांफती रह गई। साइबर क्राइम भी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
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इनसेट
वर्ष 2011
मार्च हत्या 4
अप्रैल हत्या 2
मई हत्या 0
जून हत्या 4
वर्ष 2012
मार्च हत्या 2
अप्रैल हत्या 5 लूट -6
मई हत्या 3 लूट -4 उचक्कागिरी-4
जून (9 जून तक) हत्या 2
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