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छपरा पैसेंजर ट्रैक से उतरी, कूदने में घायल हुए यात्री
Varanasi
Updated Sat, 12 May 2012 12:00 PM IST
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वाराणसी। मंडुवाडीह से छपरा जा रही 55132 सवारी गाड़ी कैंट स्टेशन यार्ड में शुक्रवार की दोपहर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। ट्रेन के दो कोच तेज आवाज के साथ ट्रैक से उतर गए। इस दौरान ट्रेन में बैठे यात्री हदस गए। कुछ यात्री जान बचाने के लिए चलती ट्रेन से ही कूद पड़े। गति कम होने की वजह से कोई हताहत नहीं हुआ। इक्का-दुक्का यात्रियों को हल्की चोटें आईं। इस रेल हादसे ने उत्तर और पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन की ट्रेन और ट्रैक मेंटनेंस व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया है। यह घटना उसी जगह हुई जहां पर बुधवार की रात गोरखपुर जा रही चौरीचौरा एक्सप्रेस ट्रेन ट्रैक से उतरी थी।
छपरा जा रही सवारी गाड़ी फाटक संख्या तीन के पास पहुंची ही थी कि दोपहर 12.55 पर यह हादसा हो गया। कैंट स्टेशन के माल गोदाम के पास पावर केबिन प्वाइंट नंबर 274 व 275 के बीच इंजन से चौथी और पांचवीं बोगी के ट्रैक से उतरने के साथ ही ट्रेन लहराकर गिट्टी पर चलने लगी। एक घंटे बाद एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू हो सका। दोनों क्षतिग्रस्त बोगियों के साथ ही एक अन्य बोगी को काटकर ट्रेन से अलग किया गया। करीब तीन बजे पैसेंजर ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया जा सका। एनईआर वाराणसी के डीआरएम ललित कपूर, एनआर लखनऊ के डीआरएम जगदीप राय ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। शाम को पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक केबीएल मित्तल भी घटनास्थल पर पहुंच गए। उन्होंने मातहत अफसरों के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। दुर्घटना के चलते कैंट स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक से ट्रेनों का परिचालन ठप रहा। इस प्लेटफार्म से गुजरने वाली प्रमुख ट्रेनों में कृषक एक्सप्रेस, पवन एक्सप्रेस, सिकंदराबाद पटना एक्सप्रेस आदि को परिवर्तित प्लेटफार्म संख्या दो, तीन और चार पर लेने के बाद उन्हें रवाना किया गया।
इनसेट
ट्रेन लहराने से दहशत में थे यात्री
वाराणसी। अचानक हुई इस घटना से छपरा जाने वाली सवारी गाड़ी की बोगी में सवार यात्री किसी अनजान आशंका में बोगियों से धड़ाधड़ कूदने लगे। यह शुक्र था कि ट्रेन में यात्री कम थे और उसकी रफ्तार काफी कम थी जिसके चलते यात्रियों को हल्की-फुल्की चोटें आईं। मंडुवाडीह से करीमुद्दीनपुर जा रहे संजय कुमार ने बताया कि मंडुवाडीह से तो ट्रेन ठीक चली थी लेकिन यार्ड में आने के पहले ही बहुत तेज आवाज हुई। बोगियां लहराने लगी। हमें लगा कि ट्रेन पटरी से उतर गई है। जान बचाने के लिए मैं तो ट्रेन से कूद गया। पैर में थोड़ी सी चोट आई है। औडि़हार जा रहे शिवनाथ जैसल ने बताया कि कैंट स्टेशन के क्रासिंग से पहले ही गाड़ी लहराने लगी थी।
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छपरा जा रही सवारी गाड़ी फाटक संख्या तीन के पास पहुंची ही थी कि दोपहर 12.55 पर यह हादसा हो गया। कैंट स्टेशन के माल गोदाम के पास पावर केबिन प्वाइंट नंबर 274 व 275 के बीच इंजन से चौथी और पांचवीं बोगी के ट्रैक से उतरने के साथ ही ट्रेन लहराकर गिट्टी पर चलने लगी। एक घंटे बाद एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू हो सका। दोनों क्षतिग्रस्त बोगियों के साथ ही एक अन्य बोगी को काटकर ट्रेन से अलग किया गया। करीब तीन बजे पैसेंजर ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया जा सका। एनईआर वाराणसी के डीआरएम ललित कपूर, एनआर लखनऊ के डीआरएम जगदीप राय ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। शाम को पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक केबीएल मित्तल भी घटनास्थल पर पहुंच गए। उन्होंने मातहत अफसरों के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। दुर्घटना के चलते कैंट स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक से ट्रेनों का परिचालन ठप रहा। इस प्लेटफार्म से गुजरने वाली प्रमुख ट्रेनों में कृषक एक्सप्रेस, पवन एक्सप्रेस, सिकंदराबाद पटना एक्सप्रेस आदि को परिवर्तित प्लेटफार्म संख्या दो, तीन और चार पर लेने के बाद उन्हें रवाना किया गया।
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ट्रेन लहराने से दहशत में थे यात्री
वाराणसी। अचानक हुई इस घटना से छपरा जाने वाली सवारी गाड़ी की बोगी में सवार यात्री किसी अनजान आशंका में बोगियों से धड़ाधड़ कूदने लगे। यह शुक्र था कि ट्रेन में यात्री कम थे और उसकी रफ्तार काफी कम थी जिसके चलते यात्रियों को हल्की-फुल्की चोटें आईं। मंडुवाडीह से करीमुद्दीनपुर जा रहे संजय कुमार ने बताया कि मंडुवाडीह से तो ट्रेन ठीक चली थी लेकिन यार्ड में आने के पहले ही बहुत तेज आवाज हुई। बोगियां लहराने लगी। हमें लगा कि ट्रेन पटरी से उतर गई है। जान बचाने के लिए मैं तो ट्रेन से कूद गया। पैर में थोड़ी सी चोट आई है। औडि़हार जा रहे शिवनाथ जैसल ने बताया कि कैंट स्टेशन के क्रासिंग से पहले ही गाड़ी लहराने लगी थी।
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