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बाइक बुकिंग में धन उगाही की जांच का आदेश
Varanasi
Updated Sat, 05 May 2012 12:00 PM IST
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वाराणसी। कैंट स्टेशन पार्सल घर में दलालों की दखल से संबंधित खबर प्रकाशित होने के बाद शुक्रवार को रेलवे के अफसर आनन-फानन में सक्रिय हो गए। शुक्रवार को चीफ एरिया मैनेजर आमोद कुमार गुप्ता ने जांच का आदेश देने के साथ ही पंद्रह दिन के अंदर रिपोर्ट तलब की है।
बता दें कि रुड़की में तैनात बैंक कर्मचारी संतोष राम की बाइक बुक कराने उसका भाई पुजारी 21 अप्रैल को कैंट पार्सल घर पहुंचा। वह बुकिंग लिपिक से बात कर ही रहा था कि तभी एक दलाल वहां पहुंचा और बाइक की पैकिंग एवं उसी दिन ट्रेन में लदवाने की बात कहकर उससे 1300 रुपये ले लिए। उसने खिड़की से 875 रुपये की रसीद कटवा कर दे दी। बुधवार तक बाइक रुड़की नहीं पहुंची तो पुजारी गुरुवार को कैंट स्टेशन पहुंचकर पार्सल घर के कर्मचारियों एवं अधिकारियों से शिकायत की थी। सीपीएस एके श्रीवास्तव ने बताया कि बाइक गुरुवार को किसान एक्सप्रेस से रुड़की भेज दी गई है। सूत्र बताते हैं कि दलालों का नेटवर्क सीधे बाबुओं से जुड़ा है। कोई व्यक्ति यदि सीधे वाहन बुक कराने पहुंचता है तो उसे कागजों के खेल में उलझा दिया जाता है। इसके बाद दलाल संबंधित यात्री को अपने जाल में फंसा लेते हैं। प्रति बाइक चार से पांच सौ रुपये अधिक वसूला जाता है।
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बता दें कि रुड़की में तैनात बैंक कर्मचारी संतोष राम की बाइक बुक कराने उसका भाई पुजारी 21 अप्रैल को कैंट पार्सल घर पहुंचा। वह बुकिंग लिपिक से बात कर ही रहा था कि तभी एक दलाल वहां पहुंचा और बाइक की पैकिंग एवं उसी दिन ट्रेन में लदवाने की बात कहकर उससे 1300 रुपये ले लिए। उसने खिड़की से 875 रुपये की रसीद कटवा कर दे दी। बुधवार तक बाइक रुड़की नहीं पहुंची तो पुजारी गुरुवार को कैंट स्टेशन पहुंचकर पार्सल घर के कर्मचारियों एवं अधिकारियों से शिकायत की थी। सीपीएस एके श्रीवास्तव ने बताया कि बाइक गुरुवार को किसान एक्सप्रेस से रुड़की भेज दी गई है। सूत्र बताते हैं कि दलालों का नेटवर्क सीधे बाबुओं से जुड़ा है। कोई व्यक्ति यदि सीधे वाहन बुक कराने पहुंचता है तो उसे कागजों के खेल में उलझा दिया जाता है। इसके बाद दलाल संबंधित यात्री को अपने जाल में फंसा लेते हैं। प्रति बाइक चार से पांच सौ रुपये अधिक वसूला जाता है।
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