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निमोनिया, मस्तिष्क ज्वर के भी टीके लगेंगे
Varanasi
Updated Sat, 05 May 2012 12:00 PM IST
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वाराणसी। महंगे होने के कारण अपने बच्चों को निमोनिया, मस्तिष्क ज्वर और चिकेन पाक्स जैसे टीके न लगवा पाने वाले माता-पिता की चिंता अब दूर होने वाली है। सरकारी अस्पतालों में भी इन बीमारियों के टीके लगने की उम्मीद है। स्वास्थ्य विभाग जहां इस पर गंभीरता से विचार कर रहा है वहीं भारतीय बाल अकादमी की पहल पर विभाग के अधिकारी टीका उपलब्ध कराने पर मंथन कर रहे हैं। अगर स्वीकृति मिली तो अगले छह माह में सरकारी अस्पतालों में ये टीके उपलब्ध हो जाएंगे।
बनारस में प्रत्येक साल औसतन एक लाख आठ हजार बच्चाें का जन्म होता है। इसमें नब्बे प्रतिशत बच्चाें को निमोनिया, मतिष्क ज्वर और चिकेन पाक्स से बचाव के टीके नहीं लग पाते। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो पूर्वांचल में हर साल टीके न लगने से लगभग सौ बच्चे दम तोड़ देते हैं। जहां तक रही बाजार में इन टीके की कीमत की बात तो दवा की दो कंपनियां ये टीके 11 सौ से 13 सौ रुपये में बेचती हैं। भारतीय बाल अकादमी के प्रदेश अध्यक्ष डा. अशोक राय के मुताबिक इन बीमारियों के टीके उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय और प्रदेश सरकार को चार बार पत्र भेजा गया है। फिलहाल स्वास्थ्य मंत्रालय और प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस पर गंभीरता से विचार रहे हैं। अगले छह माह में सरकारी अस्पतालाें में ये टीके उपलब्ध होने की उम्मीद है। इसके बाद सामान्य वर्ग के लोगों को बड़ी राहत मिल जाएगी। इस बाबत टीकाकरण के नोडल अधिकारी डा. आरपी तिवारी का कहना है कि विभाग में ऐसी बीमारियाें के टीके पर विचार चल तो रहा है लेकिन टीका कब तक उपलब्ध होगा, इस बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।
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बनारस में प्रत्येक साल औसतन एक लाख आठ हजार बच्चाें का जन्म होता है। इसमें नब्बे प्रतिशत बच्चाें को निमोनिया, मतिष्क ज्वर और चिकेन पाक्स से बचाव के टीके नहीं लग पाते। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो पूर्वांचल में हर साल टीके न लगने से लगभग सौ बच्चे दम तोड़ देते हैं। जहां तक रही बाजार में इन टीके की कीमत की बात तो दवा की दो कंपनियां ये टीके 11 सौ से 13 सौ रुपये में बेचती हैं। भारतीय बाल अकादमी के प्रदेश अध्यक्ष डा. अशोक राय के मुताबिक इन बीमारियों के टीके उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय और प्रदेश सरकार को चार बार पत्र भेजा गया है। फिलहाल स्वास्थ्य मंत्रालय और प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस पर गंभीरता से विचार रहे हैं। अगले छह माह में सरकारी अस्पतालाें में ये टीके उपलब्ध होने की उम्मीद है। इसके बाद सामान्य वर्ग के लोगों को बड़ी राहत मिल जाएगी। इस बाबत टीकाकरण के नोडल अधिकारी डा. आरपी तिवारी का कहना है कि विभाग में ऐसी बीमारियाें के टीके पर विचार चल तो रहा है लेकिन टीका कब तक उपलब्ध होगा, इस बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।
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