{"_id":"61773","slug":"Varanasi-61773-140","type":"story","status":"publish","title_hn":"सप्लाई इंस्पेक्टर प्रताप गोपेंद्र बने गए आईपीएस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सप्लाई इंस्पेक्टर प्रताप गोपेंद्र बने गए आईपीएस
Varanasi
Updated Sat, 05 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
वाराणसी। आपूर्ति विभाग में सप्लाई इंस्पेक्टर के पद पर तैनात प्रताप गोपेंद्र यादव को शुक्रवार को दिन में क्षेत्र में स्टाक वेरीफिकेशन के दौरान जो खुशी मिली कि उसने उनके जीवन को नई दिशा दे दी। अब वे आईपीएस बन गए हैं। शुक्रवार को जारी आईएएस फाइनल की रिजल्ट में 292वीं रैंक उन्होंने प्राप्त किया है।
आईपीएस बनने की सूचना मिलने के साथ ही उन्होंने इस खुशी को विभागीय अधिकारियों के साथ मनाया। जिला पूर्ति अधिकारी एपी सिंह ने उनका मुंह मीठा कराया। अमर उजाला से बातचीत में श्री यादव ने बताया कि चौथी बार वे आईएएस की परीक्षा में शामिल हुए थे। वर्ष 2008 और 2010 में वे इंटरव्यू तक पहुंचे थे। हाल ही में तीस मार्च को जारी यूपी पीसीएस 2009 के परीक्षा परिणाम में वे ट्रेजरी आफिसर के पद पर चयनित हुए हैं। श्री यादव मूलरूप से आजमगढ़ जिले के निजामाबाद क्षेत्र के फत्तनपुर गांव के निवासी हैं। उनके पिता डा. रामसमुझ यादव बीएएमएस चिकित्सक हैं और फरिहां में निजी प्रैक्टिस करते हैं। माता श्रीमती रामरती गृहिणी हैं। दो भाई और पांच बहनों में वे छठे नंबर पर हैं।
विज्ञापन
आईपीएस बनने की सूचना मिलने के साथ ही उन्होंने इस खुशी को विभागीय अधिकारियों के साथ मनाया। जिला पूर्ति अधिकारी एपी सिंह ने उनका मुंह मीठा कराया। अमर उजाला से बातचीत में श्री यादव ने बताया कि चौथी बार वे आईएएस की परीक्षा में शामिल हुए थे। वर्ष 2008 और 2010 में वे इंटरव्यू तक पहुंचे थे। हाल ही में तीस मार्च को जारी यूपी पीसीएस 2009 के परीक्षा परिणाम में वे ट्रेजरी आफिसर के पद पर चयनित हुए हैं। श्री यादव मूलरूप से आजमगढ़ जिले के निजामाबाद क्षेत्र के फत्तनपुर गांव के निवासी हैं। उनके पिता डा. रामसमुझ यादव बीएएमएस चिकित्सक हैं और फरिहां में निजी प्रैक्टिस करते हैं। माता श्रीमती रामरती गृहिणी हैं। दो भाई और पांच बहनों में वे छठे नंबर पर हैं।
विज्ञापन