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मऊ रेल हादसे की शिकार खुशी ने तोड़ा दम
Varanasi
Updated Wed, 10 Dec 2014 05:30 AM IST
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वाराणसी। चार दिसंबर को मऊ में हुए रेल हादसे में जख्मी खुशी आखिरकार मौत से अपनी जंग हार गई। मंगलवार को हादसे के छठवें दिन उसने बीएचयू अस्पताल में दम तोड़ दिया। यहां आईसीयू में उसका इलाज चल रहा था। मौत की खबर सुनते ही उसके माता-पिता बेसुध हो गए। आईसीयू से पोस्टमार्टम हाउस तक उसके परिवारवालों के चित्कार ने वहां मौजूद हर किसी को रुला दिया। खुशी के साथ ही भर्ती हुए नमन और शिवम के माता-पिता की भी आंखें भर आईं। उनके माथे पर भी किसी अंजान खौफ से बल पड़ गए। नमन और शिवम भी अभी लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर हैं।
बीते चार दिसंबर को मऊ में मानव रहित क्रासिंग पर स्कूली वैन और ट्रेन में हुई टक्कर में छह बच्चों की मौत हो गई थी, वहीं छह बच्चे घायल हो गए थे। घायलों में महासो खुरहट निवासी महेश की छह वर्षीय बेटी खुशी भी थी। खुशी समेत चार बच्चों को मऊ जिला अस्पताल से बीएचयू अस्पताल रेफर कर दिया गया था। बीएचयू पहुंचने के बाद यहां एक बच्चे की मौत हो गई थी। वहीं खुशी, नमन और शिवम को आईसीयू में भर्ती कराया गया। इन तीनों बच्चों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें पहले दिन से ही लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया। पिछले छह दिनों के दौरान खुशी के स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ और मंगलवार की सुबह साढ़े पांच बजे उसकी मौत हो गई। बीएचयू अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. केके गुप्ता ने बताया कि खुशी को पेट में काफी गहरी चोटें आई थीं। उन्होंने बताया कि नमन और शिवम भी अभी लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर हैं।
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बीते चार दिसंबर को मऊ में मानव रहित क्रासिंग पर स्कूली वैन और ट्रेन में हुई टक्कर में छह बच्चों की मौत हो गई थी, वहीं छह बच्चे घायल हो गए थे। घायलों में महासो खुरहट निवासी महेश की छह वर्षीय बेटी खुशी भी थी। खुशी समेत चार बच्चों को मऊ जिला अस्पताल से बीएचयू अस्पताल रेफर कर दिया गया था। बीएचयू पहुंचने के बाद यहां एक बच्चे की मौत हो गई थी। वहीं खुशी, नमन और शिवम को आईसीयू में भर्ती कराया गया। इन तीनों बच्चों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें पहले दिन से ही लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया। पिछले छह दिनों के दौरान खुशी के स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ और मंगलवार की सुबह साढ़े पांच बजे उसकी मौत हो गई। बीएचयू अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. केके गुप्ता ने बताया कि खुशी को पेट में काफी गहरी चोटें आई थीं। उन्होंने बताया कि नमन और शिवम भी अभी लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर हैं।
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