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लिंगदोह कमेटी की संस्तुतियों का विरोध
Varanasi
Updated Sat, 06 Dec 2014 05:30 AM IST
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वाराणसी। लिंगदोह कमेटी की संस्तुतियां प्रगतिशील छात्र आंदोलन के लिए घातक हैं। इसके खिलाफ देश भर में अभियान चलाया जाएगा। इसकी शुरुआत दिल्ली से की जाएगी। इस मुहिम की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। ये बातें शुक्रवार को लंका स्थित एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में जेएनयू के छात्रसंघ उपाध्यक्ष एवं आइसा नेता अनंत प्रकाश नारायण ने कहीं।
अनंत ने कहा कि पिछले दिनों बीएचयू में छात्रसंघ आंदोलन के नाम पर छात्रों का जो उत्पीड़न हुआ, वह निंदनीय है। आरोप लगाया कि छात्रसंघ की मांग को दबाने के लिए बीएचयू प्रशासन ने ही परिसर में कुछ अराजक तत्वों से हिंसा कराई थी। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी घटना हो गई लेकिन यहां के सांसद व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महज खेद प्रकट कर अपनी जिम्मेदारी खत्म कर ली। कहा कि लिंगदोह कमेटी की संस्तुतियों के आधार पर ही बीएचयू में छात्र परिषद का गठन किया गया, जिसका छात्र लगातार विरोध करते रहे हैं। आइसा की शिखा सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री को इस घटना की जांच करानी चाहिए और विश्वविद्यालय में लोकतंत्र बहाल करवाना चाहिए।
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अनंत ने कहा कि पिछले दिनों बीएचयू में छात्रसंघ आंदोलन के नाम पर छात्रों का जो उत्पीड़न हुआ, वह निंदनीय है। आरोप लगाया कि छात्रसंघ की मांग को दबाने के लिए बीएचयू प्रशासन ने ही परिसर में कुछ अराजक तत्वों से हिंसा कराई थी। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी घटना हो गई लेकिन यहां के सांसद व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महज खेद प्रकट कर अपनी जिम्मेदारी खत्म कर ली। कहा कि लिंगदोह कमेटी की संस्तुतियों के आधार पर ही बीएचयू में छात्र परिषद का गठन किया गया, जिसका छात्र लगातार विरोध करते रहे हैं। आइसा की शिखा सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री को इस घटना की जांच करानी चाहिए और विश्वविद्यालय में लोकतंत्र बहाल करवाना चाहिए।
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