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दो लाख भक्तों ने किया बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक
Varanasi
Updated Tue, 05 Aug 2014 05:30 AM IST
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वाराणसी। सप्तपुरियों में से एक काशीपुरी में सावन के चौथे और आखिरी सोमवार को बाबा काशी विश्वनाथ के दरबार की रुद्राक्ष के मनकों से अनूठी झांकी सजाई गई। पंचमुखी रुद्राक्ष की मालाओं के झूमर और बंदनवारों ने देश के कोने-कोने से उमड़े भोले भक्तों को लुभाया। आस्था की डगर पर कोई नंगे पैर बाबा से अरज लगाने आया तो कोई लेटते हुए। ज्ञानवापी कंट्रोल रूम के मुताबिक रात ग्यारह बजे तक दो लाख भक्तों ने बाबा का जलाभिषेक कर लोक मंगल की कमना की। इस दौरान सड़कों से गलियों तक हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे।
फूलों के मुकुट और मालाओं से पुजारियों ने चुन-चुन कर सविधि शृंगार कर बाबा की मंगला आरती की। सोमवार भोर चार बजे के बाद पट खुलते ही पहले से कतारबद्ध भक्त बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष के साथ आगे बढ़ने लगे। पौ फटने के बाद दशाश्वमेध से गोदौलिया होते हुए एक लाइन लक्सा तक पहुंच गई और दूसरी कतार बुलानाला से चौके होते हुए छत्ताद्वार आ रही थी। भक्तों को किसी तरह की असुविधा न हो इसके लिए पंडों और पुलिस कर्मियों की नहीं चलने दी गई। पहुंच या रसूख के नाम पर किसी को भी शार्ट कट से मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। लंबी कतार में रात से ही लगे भक्तों को गोदौलिया के पास स्काउट गाइड पानी और चाय पहुंचा रहे थे। बांसफाटक पर हलवा-घुघनी बांटा जा रहा था। कुछ दूर पर शापुरी माल के पास भक्तों के पैरों पर पानी की बौछार की जा रही थी ताकि उन्हें राहत महसूस हो। ज्ञानवापी क्रासिंग पर लगे शिविर में दर्द निवारक गोलियों के अलावा बिस्कुट पानी दिया जा रहा था। सुबह नौ बजे तक जहां 65 लाख भक्तों के जलाभिषेक का ज्ञानवापी कंट्रोल रूम ने दावा किया, वहीं भोग आरती के पहले तक यह आंकड़ा एक लाख तक पहुंच गया।
इनसेट
नैमिषारण्य की महिला श्रद्धालु बेहोश, अस्पताल में भर्ती
वाराणसी। नैमिषारण्य से बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आई महिला लंबी लाइन में घंटों लगने के बाद छत्ताद्वार के पास पहुंचकर बेहोश हो गई। इससे कतारबद्ध भक्तों और सुरक्षाकर्मियों में हड़कंप मच गया। बीनू तिवारी( 35) परिवार के सदस्यों के साथ काशी आई थी लेकिन मंदिर में प्रवेश से पहले ही अचेत हो गई। दोपहर ढाई बजे उसके बेहोश होने के बाद उसे एंबुलेंस से शिव प्रसादगुप्त मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां उसका उपचार चल रहा है।
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फूलों के मुकुट और मालाओं से पुजारियों ने चुन-चुन कर सविधि शृंगार कर बाबा की मंगला आरती की। सोमवार भोर चार बजे के बाद पट खुलते ही पहले से कतारबद्ध भक्त बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष के साथ आगे बढ़ने लगे। पौ फटने के बाद दशाश्वमेध से गोदौलिया होते हुए एक लाइन लक्सा तक पहुंच गई और दूसरी कतार बुलानाला से चौके होते हुए छत्ताद्वार आ रही थी। भक्तों को किसी तरह की असुविधा न हो इसके लिए पंडों और पुलिस कर्मियों की नहीं चलने दी गई। पहुंच या रसूख के नाम पर किसी को भी शार्ट कट से मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। लंबी कतार में रात से ही लगे भक्तों को गोदौलिया के पास स्काउट गाइड पानी और चाय पहुंचा रहे थे। बांसफाटक पर हलवा-घुघनी बांटा जा रहा था। कुछ दूर पर शापुरी माल के पास भक्तों के पैरों पर पानी की बौछार की जा रही थी ताकि उन्हें राहत महसूस हो। ज्ञानवापी क्रासिंग पर लगे शिविर में दर्द निवारक गोलियों के अलावा बिस्कुट पानी दिया जा रहा था। सुबह नौ बजे तक जहां 65 लाख भक्तों के जलाभिषेक का ज्ञानवापी कंट्रोल रूम ने दावा किया, वहीं भोग आरती के पहले तक यह आंकड़ा एक लाख तक पहुंच गया।
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नैमिषारण्य की महिला श्रद्धालु बेहोश, अस्पताल में भर्ती
वाराणसी। नैमिषारण्य से बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आई महिला लंबी लाइन में घंटों लगने के बाद छत्ताद्वार के पास पहुंचकर बेहोश हो गई। इससे कतारबद्ध भक्तों और सुरक्षाकर्मियों में हड़कंप मच गया। बीनू तिवारी( 35) परिवार के सदस्यों के साथ काशी आई थी लेकिन मंदिर में प्रवेश से पहले ही अचेत हो गई। दोपहर ढाई बजे उसके बेहोश होने के बाद उसे एंबुलेंस से शिव प्रसादगुप्त मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां उसका उपचार चल रहा है।
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