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गैस रिसाव से लगी आग में बच्चे की मौत, छह झुलसे
Varanasi
Updated Fri, 30 May 2014 05:31 AM IST
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वाराणसी। भेलूपुर थाना क्षेत्र के बड़ी गैबी मुहल्ले में सिलेंडर में रिसाव से लगी आग में सात लोग झुलस गए। इनमें दो वर्ष के एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि छह लोगों को मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सुबह लगभग आठ बजे लगी आग के बाद मुहल्ले में अफरातफरी मच गई। मौके पर जुटे लोगों और फायर बिग्रेड के जवानों ने काफी मशक्कत के बाद उसे काबू में किया। हादसे में मकान की छत का प्लास्टर और दीवारों में दरार आ गई। घर में रखा गृहस्थी का सामान जलकर नष्ट हो गया।
बड़ी गैबी में विजय लक्ष्मी का मकान है। इसमें किराये पर गाजीपुर निवासी राजगीर मिस्त्री राजेंद्र अपने परिवार के साथ रहता है। गुरुवार की सुबह राजेंद्र गैस एजेंसी से सिलेंडर लेकर घर आया। उसकी पत्नी ने जब खाना बनाने के लिए चूल्हा जलाया तो गैस रिसाव के चलते आग लग गई। आग बुझाने के प्रयास में राजेंद्र और उसकी पत्नी मेनका झुलस गए। उनके चिल्लाने की आवाज सुनकर पड़ोसी पप्पू, दिलीप, राजा और विनोद भी मौके पर पहुंच गए। हादसे के वक्त मकान का दरवाजा अंदर से बंद था। उसे तोड़कर लोग अंदर पहुंचे। मुहल्ले के कई लोग दीवार तोड़कर परिवार को बचाने में जुट गए। इसके बावजूद राजेंद्र (39), पत्नी मेनका (30), पुत्र प्रियांशु (दो), रेखा (5), चंदौली के शाहगंज निवासी हरिओम (25), संजू देवी (35), बड़ी गैबी निवासी लालबहादुर (32) गंभीर रूप से झुलस गए। पड़ोसियों ने एंबुलेंस मंगाकर सभी को मंडलीय चिकित्सालय में भर्ती कराया। वहां इलाज के दौरान प्रियांशु की मौत हो गई। सूचना मिलने पर सीओ भेलूपुर शालिनी, इंस्पेक्टर बीके सिंह फोर्स के साथ पहुंचे थे।
इनसेट
संयोग से बच गया एक बच्चा
वाराणसी। सिलेंडर आने से पहले राजेंद्र की पत्नी मेनका स्टोव पर खाना बना रही थी पर जब सिलेंडर आ गया तो उसने स्टोव बंद कर दिया। इसी दौरान बात न मानने पर मेनका ने अपने बेटे रिक्की (4) को दौड़ाया तो वह भागकर बाहर चला गया। इसके चलते वह हादसे का शिकार होने से बच गया, जबकि उसी मकान में किराये पर रहने वाले दिलीप के बच्चे छत पर खेल रहे थे जिससे वे भी सुरक्षित बच गए। हालांकि हादसे में दिलीप भी मामूली रूप से झुलस गया।
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बड़ी गैबी में विजय लक्ष्मी का मकान है। इसमें किराये पर गाजीपुर निवासी राजगीर मिस्त्री राजेंद्र अपने परिवार के साथ रहता है। गुरुवार की सुबह राजेंद्र गैस एजेंसी से सिलेंडर लेकर घर आया। उसकी पत्नी ने जब खाना बनाने के लिए चूल्हा जलाया तो गैस रिसाव के चलते आग लग गई। आग बुझाने के प्रयास में राजेंद्र और उसकी पत्नी मेनका झुलस गए। उनके चिल्लाने की आवाज सुनकर पड़ोसी पप्पू, दिलीप, राजा और विनोद भी मौके पर पहुंच गए। हादसे के वक्त मकान का दरवाजा अंदर से बंद था। उसे तोड़कर लोग अंदर पहुंचे। मुहल्ले के कई लोग दीवार तोड़कर परिवार को बचाने में जुट गए। इसके बावजूद राजेंद्र (39), पत्नी मेनका (30), पुत्र प्रियांशु (दो), रेखा (5), चंदौली के शाहगंज निवासी हरिओम (25), संजू देवी (35), बड़ी गैबी निवासी लालबहादुर (32) गंभीर रूप से झुलस गए। पड़ोसियों ने एंबुलेंस मंगाकर सभी को मंडलीय चिकित्सालय में भर्ती कराया। वहां इलाज के दौरान प्रियांशु की मौत हो गई। सूचना मिलने पर सीओ भेलूपुर शालिनी, इंस्पेक्टर बीके सिंह फोर्स के साथ पहुंचे थे।
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संयोग से बच गया एक बच्चा
वाराणसी। सिलेंडर आने से पहले राजेंद्र की पत्नी मेनका स्टोव पर खाना बना रही थी पर जब सिलेंडर आ गया तो उसने स्टोव बंद कर दिया। इसी दौरान बात न मानने पर मेनका ने अपने बेटे रिक्की (4) को दौड़ाया तो वह भागकर बाहर चला गया। इसके चलते वह हादसे का शिकार होने से बच गया, जबकि उसी मकान में किराये पर रहने वाले दिलीप के बच्चे छत पर खेल रहे थे जिससे वे भी सुरक्षित बच गए। हालांकि हादसे में दिलीप भी मामूली रूप से झुलस गया।
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