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नगवां में सीवर ध्वस्त होने से धंसी सड़क
Varanasi
Updated Tue, 29 Apr 2014 05:30 AM IST
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वाराणसी। नगवां-रविदास मार्ग पर लापरवाही का यह हाल देखिए। एक झटके में दस मीटर के दायरे में पूरी सड़क धंस गई। नजारा खाईं की तरह बन गया। संयोग ही कहिए कि कोई हादसा नहीं हुआ। जलकल और गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के जिम्मेदार अधिकारी बता रहे हैं कि लीकेज के चलते यहां पुरानी सीवर लाइन ध्वस्त हो गई। इससे पानी का रिसाव और बढ़ने से मिट्टी पोली होती गई और सड़क धंस गई। लेकिन, जिम्मेदार अफसरों को यह तक नहीं पता कि ध्वस्त हुई सीवर लाइन कब डाली गई थी। इसमें लीकेज था तो उसकी मरम्मत क्यों नहीं कराई गई। अब इन तमाम पहलुओं पर माथापच्ची चल रही है लेकिन मिट्टी पोली होने से आसपास के भवन स्वामी भी खतरे की आशंका से सहम गए हैं। पेयजल पाइप लाइन टूटने से हजारों परिवारों के लिए एक और आफत खड़ी हो गई है।
नगवां-रविदास पार्क मार्ग पर तेज आवाज के साथ सड़क धंसने की यह घटना सोमवार की सुबह हुई। जिसने भी आवाज सुनी वह भागकर मौके पर पहुंचा तो वहां का नजारा देखकर हैरान रह गया। करीब दस मीटर के दायरे में पूरी सड़क कई फीट गहराई में धंस चुकी थी। गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई, जापानी एजेंसी जायका के सहयोग से 496 करोड़ रुपये की लागत से शहर में वभिन्न जगहों पर सीवर लाइन डालने के अलावा सीवेज पंपिंग केंद्र तथा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगा रही है। इसके तहत इंदिरा नगर से नगवां तक ट्रेंचलेस तकनीक से 5820 मीटर सीवर लाइन डालने का कार्य प्रस्तावित है। जहां सड़क धंसी है, उससे कुछ दूरी पर ट्रेंचलेस तकनीकी से छह से सात मीटर गहराई में सीवर लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के महाप्रबंधक जेबी राय ने बताया कि जहां सड़क धंसी है, वहां जायका से जुड़ी योजना का कोई कार्य नहीं चल रहा है। सड़क कई साल पहले डाली गई सीवर लाइन ध्वस्त होने के कारण धंसी है। इस सड़क का निर्माण काफी पहले कराया गया था। जलकल के महाप्रबंधक बीके पांडेय ने भी स्वीकार किया कि पुरानी सीवर लाइन ध्वस्त होने से सड़क धंसी। जलकल के कहने पर गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई ने धंसी सड़क को बालू और मिट्टी आदि डालकर पाटने का कार्य शुरू कर दिया है। सड़क धंसने से जलापूर्ति की पाइप भी टूट गई। सड़क धंसने से क्षेत्र के लोग घबराए हुए हैं। उन्हें भय सता रहा है कि कहीं उनके भवनाें पर भी कोई खतरा न आ जाए।
कोट
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सीवर लाइन कई साल पहले डाली गई। कब और किस जगह से कहां तक यह सीवर लाइन डाली गई, इसका पता लगाया जा रहा है। इतना स्पष्ट है कि सीवर लाइन नगवां सीवेज पंपिंग केंद्र तक गई है। भेलूपुर जोन के अधिशासी अभियंता राकेश श्रीवास्तव से सड़क धंसने के वास्तविक कारण का पता लगाकर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।
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- बीके पांडेय, महाप्रबंधक, जलकल
सड़क धंसने के मामले की जांच कराई जाए। इस पूरे मामले से लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव, राज्य मंत्री सुरेंद्र पटेल और जिलाधिकारी प्रांजल यादव को अवगत कराया जाएगा। जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। राकेश जैन, महानगर अध्यक्ष-सपा
पाइप टूटने से कई इलाकों में पानी का संकट
वाराणसी (ब्यूरो)। नगवां-रविदास पार्क मार्ग पर पुरानी सीवर लाइन ध्वस्त होने और सड़क धंसने से जलापूर्ति की पाइप लाइन भी टूट गई। इससे हजारों घरों में पानी का जबरदस्त संकट उत्पन्न हो गया है। सोमवार को लोगों ने हैंडपंपों और आसपास के घरों में लगे सबमर्सिबल पंपों से पानी लेकर किसी तरह काम चलाया।
नगवां में सोमवार की सुबह सड़क धंसने के साथ जलापूर्ति की पाइप टूटने जानकारी मिलते ही जलकल प्रशासन ने भेलूपुर वाटर वर्क्स से जुड़े अस्सी, भदैनी, लंका, नगवां, सामने घाट, नरिया, सुंदरपुर, रवींद्रपुरी, जवाहर नगर, खोजवां सहित कई इलाकों में जलापूर्ति रोक दी। इन इलाकों में शाम को भी निर्धारित समय चार बजे से पानी नहीं आया। इससे इस भीषण गर्मी में हजारों परिवारों को परेशानी झेलनी पड़ी। जलकल के अधिशासी अभियंता राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि क्षतिग्रस्त पाइप की मरम्मत का काम शुरू हो चुका है। पाइप लाइन दुरुस्त होते ही जलापूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।
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नगवां-रविदास पार्क मार्ग पर तेज आवाज के साथ सड़क धंसने की यह घटना सोमवार की सुबह हुई। जिसने भी आवाज सुनी वह भागकर मौके पर पहुंचा तो वहां का नजारा देखकर हैरान रह गया। करीब दस मीटर के दायरे में पूरी सड़क कई फीट गहराई में धंस चुकी थी। गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई, जापानी एजेंसी जायका के सहयोग से 496 करोड़ रुपये की लागत से शहर में वभिन्न जगहों पर सीवर लाइन डालने के अलावा सीवेज पंपिंग केंद्र तथा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगा रही है। इसके तहत इंदिरा नगर से नगवां तक ट्रेंचलेस तकनीक से 5820 मीटर सीवर लाइन डालने का कार्य प्रस्तावित है। जहां सड़क धंसी है, उससे कुछ दूरी पर ट्रेंचलेस तकनीकी से छह से सात मीटर गहराई में सीवर लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के महाप्रबंधक जेबी राय ने बताया कि जहां सड़क धंसी है, वहां जायका से जुड़ी योजना का कोई कार्य नहीं चल रहा है। सड़क कई साल पहले डाली गई सीवर लाइन ध्वस्त होने के कारण धंसी है। इस सड़क का निर्माण काफी पहले कराया गया था। जलकल के महाप्रबंधक बीके पांडेय ने भी स्वीकार किया कि पुरानी सीवर लाइन ध्वस्त होने से सड़क धंसी। जलकल के कहने पर गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई ने धंसी सड़क को बालू और मिट्टी आदि डालकर पाटने का कार्य शुरू कर दिया है। सड़क धंसने से जलापूर्ति की पाइप भी टूट गई। सड़क धंसने से क्षेत्र के लोग घबराए हुए हैं। उन्हें भय सता रहा है कि कहीं उनके भवनाें पर भी कोई खतरा न आ जाए।
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सीवर लाइन कई साल पहले डाली गई। कब और किस जगह से कहां तक यह सीवर लाइन डाली गई, इसका पता लगाया जा रहा है। इतना स्पष्ट है कि सीवर लाइन नगवां सीवेज पंपिंग केंद्र तक गई है। भेलूपुर जोन के अधिशासी अभियंता राकेश श्रीवास्तव से सड़क धंसने के वास्तविक कारण का पता लगाकर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।
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- बीके पांडेय, महाप्रबंधक, जलकल
सड़क धंसने के मामले की जांच कराई जाए। इस पूरे मामले से लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव, राज्य मंत्री सुरेंद्र पटेल और जिलाधिकारी प्रांजल यादव को अवगत कराया जाएगा। जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। राकेश जैन, महानगर अध्यक्ष-सपा
पाइप टूटने से कई इलाकों में पानी का संकट
वाराणसी (ब्यूरो)। नगवां-रविदास पार्क मार्ग पर पुरानी सीवर लाइन ध्वस्त होने और सड़क धंसने से जलापूर्ति की पाइप लाइन भी टूट गई। इससे हजारों घरों में पानी का जबरदस्त संकट उत्पन्न हो गया है। सोमवार को लोगों ने हैंडपंपों और आसपास के घरों में लगे सबमर्सिबल पंपों से पानी लेकर किसी तरह काम चलाया।
नगवां में सोमवार की सुबह सड़क धंसने के साथ जलापूर्ति की पाइप टूटने जानकारी मिलते ही जलकल प्रशासन ने भेलूपुर वाटर वर्क्स से जुड़े अस्सी, भदैनी, लंका, नगवां, सामने घाट, नरिया, सुंदरपुर, रवींद्रपुरी, जवाहर नगर, खोजवां सहित कई इलाकों में जलापूर्ति रोक दी। इन इलाकों में शाम को भी निर्धारित समय चार बजे से पानी नहीं आया। इससे इस भीषण गर्मी में हजारों परिवारों को परेशानी झेलनी पड़ी। जलकल के अधिशासी अभियंता राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि क्षतिग्रस्त पाइप की मरम्मत का काम शुरू हो चुका है। पाइप लाइन दुरुस्त होते ही जलापूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।