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गंगा में बहने वाले नाले रोकने को बने ठोस योजना
Varanasi
Updated Sat, 30 Nov 2013 05:42 AM IST
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वाराणसी। तुलसी घाट पर रविवार की सुबह युवाओं में पर्यावरणीय चेतना जगाने के लिए दो दिनी यूथ कांग्रेस का श्रीगणेश हो गया। यूथ कांग्रेस का शुभारंभ संकट मोचन फाउंडेशन के अध्यक्ष महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने किया। इस मौके पर प्रो. मिश्र ने कहा कि गंगा को स्वतंत्र रूप से बहने दिया जाना चाहिए। शहर के औद्योगिक और घरेलू अवजल के निकास के लिए बहने वाले नालों को गंगा में न गिरने देने को ठोस योजना तैयार करने पर उन्होंने जोर दिया।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति युवा पीढ़ी की जागरूकता देख उन्होंने खुशी जाहिर की। कहा कि गंगा में नालों का बहाव रोका जाना चाहिए। शहर का अवजल सीधे गंगा में ही बहाया जा रहा है। इस पर ठोस रणनीति का अभाव बेहद चिंताजनक है। संकट मोचन फाउंडेशन के निदेशक प्रो. एसएन उपाध्याय ने युवाओं को स्लाइड के माध्यम से जलवायु परिवर्तन एवं भूमंडलीय उष्मीकरण की जानकारी दी। बताया कि हम अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित करके पर्यावरण संरक्षण में सहयोग कर सकते हैं। इसके अलावा अन्य माध्यमों से भी छात्रों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया गया। प्रश्नसूची के माध्यम से उनके कार्बन फुटप्रिंट की जानकारी दी गई। छात्रों ने कार्बन फुटप्रिंट कम करने की योजना भी तैयार की। दीनापुर के पास से आए छात्रों ने दीनापुर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से हो रही दुश्वारियों के बारे में बताया। इस दौरान गमलों में पौधे भी रोपे गए। इससे पहले तुलसी विद्या निकेतन की छात्रा सौम्या शर्मा ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया। गीतकार हरिराम द्विवेदी ने गंगा गीत पेश किया। अशोक पांडेय, गोपाल पांडेय, अखिलेंद्र शास्त्री, ब्रजेश पांडेय समेत सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। संचालन राजेश मिश्र और दीपेश पांडेय ने किया।
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पर्यावरण संरक्षण के प्रति युवा पीढ़ी की जागरूकता देख उन्होंने खुशी जाहिर की। कहा कि गंगा में नालों का बहाव रोका जाना चाहिए। शहर का अवजल सीधे गंगा में ही बहाया जा रहा है। इस पर ठोस रणनीति का अभाव बेहद चिंताजनक है। संकट मोचन फाउंडेशन के निदेशक प्रो. एसएन उपाध्याय ने युवाओं को स्लाइड के माध्यम से जलवायु परिवर्तन एवं भूमंडलीय उष्मीकरण की जानकारी दी। बताया कि हम अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित करके पर्यावरण संरक्षण में सहयोग कर सकते हैं। इसके अलावा अन्य माध्यमों से भी छात्रों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया गया। प्रश्नसूची के माध्यम से उनके कार्बन फुटप्रिंट की जानकारी दी गई। छात्रों ने कार्बन फुटप्रिंट कम करने की योजना भी तैयार की। दीनापुर के पास से आए छात्रों ने दीनापुर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से हो रही दुश्वारियों के बारे में बताया। इस दौरान गमलों में पौधे भी रोपे गए। इससे पहले तुलसी विद्या निकेतन की छात्रा सौम्या शर्मा ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया। गीतकार हरिराम द्विवेदी ने गंगा गीत पेश किया। अशोक पांडेय, गोपाल पांडेय, अखिलेंद्र शास्त्री, ब्रजेश पांडेय समेत सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। संचालन राजेश मिश्र और दीपेश पांडेय ने किया।
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