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चांदपुर चौराहे पर रावण के भीमकाय पुतले का दहन
Varanasi
Updated Wed, 30 Oct 2013 05:40 AM IST
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वाराणसी। दशहरा भले बीत गया हो लेकिन काशी में अभी रावण दहन का सिलसिला जारी है। चांदपुर राम लीला समिति की विजयादशमी का मेला मंगलवार की रात चौराहे पर लगा तो शहर से देहात तक के बीसों मोहल्ले के लोग उमड़ पड़े। करीब 40 फीट ऊंचे भीमकाय रावण के पुतले का दहन कर लोगों ने असत्य पर सत्य की विजय के प्रतीक पर्व की खुशी जताई।
रात करीब नौ बजे लहरतारा ट्रांसपोर्ट एरिया से विजया दशमी का लाग-विमान निकला तो वह दृश्य देखने के लिए सैकड़ों की तादाद में लोग घरों से निकल पड़े। बाटा मोड़ होते हुए चांदपुर इंडस्ट्रिटल स्टेट की सड़कों पर पहुंची झांकियों में चारा घोटाले में जेल की हवा खा रहे लालू यादव की भी झांकी देखने के लिए जहां-तहां भीड़ लग गई। लाग-विमान में काली, दुर्गा, हनुमान के अलावा कलियुग की भी झांकी शामिल थी। क्षीरसागर में शयन करते भगवान विष्णु भी रथ पर सवार नजर आए। कुल 85 लाग-विमान विजयादशमी के मेले में शामिल हुए। रात करीब 10 बजे चांदपुर चौराहे पर रावण के भीमकाय पुतले में आग लगाई गई तो आतिशी नजारे छा गए। इस दौरान हर हर महादेव के गगनभेदी जयकारे गूंज रहे थे। मेले में रंग-बिरंगी फिरकी, गुब्बारे के अलावा चाट की दुकानों पर भीड़ लगी रही। गंवई मिजाज की महिलाओं के शृंगार की वस्तुओं के अलावा बच्चों के खिलौने और झूले भी मेले में आकर्षण का केंद्र बने हुए थे।
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रात करीब नौ बजे लहरतारा ट्रांसपोर्ट एरिया से विजया दशमी का लाग-विमान निकला तो वह दृश्य देखने के लिए सैकड़ों की तादाद में लोग घरों से निकल पड़े। बाटा मोड़ होते हुए चांदपुर इंडस्ट्रिटल स्टेट की सड़कों पर पहुंची झांकियों में चारा घोटाले में जेल की हवा खा रहे लालू यादव की भी झांकी देखने के लिए जहां-तहां भीड़ लग गई। लाग-विमान में काली, दुर्गा, हनुमान के अलावा कलियुग की भी झांकी शामिल थी। क्षीरसागर में शयन करते भगवान विष्णु भी रथ पर सवार नजर आए। कुल 85 लाग-विमान विजयादशमी के मेले में शामिल हुए। रात करीब 10 बजे चांदपुर चौराहे पर रावण के भीमकाय पुतले में आग लगाई गई तो आतिशी नजारे छा गए। इस दौरान हर हर महादेव के गगनभेदी जयकारे गूंज रहे थे। मेले में रंग-बिरंगी फिरकी, गुब्बारे के अलावा चाट की दुकानों पर भीड़ लगी रही। गंवई मिजाज की महिलाओं के शृंगार की वस्तुओं के अलावा बच्चों के खिलौने और झूले भी मेले में आकर्षण का केंद्र बने हुए थे।
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