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गैस रिसाव से लगी आग, गृहस्थी राख
Updated Fri, 22 Jun 2018 12:44 AM IST
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ज्ञानपुर। नगर के पुरानी देहाती मोहल्ले में स्थित एक घर में बुधवार की सुबह गैस सिलिंडर में रिसाव के चलते आग लग गई। इससे नकदी और कपड़े-अनाज समेत गृहस्थी के तमाम समान जलकर राख हो गए। वहीं, आग की चपेट में आने से एक महिला झुलस गई। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने करीब दो घंटे घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक सब कुछ राख हो चुका था।
ज्ञानपुर नगर के पुरानी देहाती निवासी मूलचंद्र यादव की पुत्री चंद्रा देवी (30) बृहस्पतिवार की सुबह स्टोव पर खाना बना रही थी। बगल में रखे गैस चूल्हेे को वह किसी काम के लिए निकाल रही थी। इसी बीच अचानक गैस का रिसाव होने से कमरे में आग लग गई। आग बुझाने के चक्कर में वह झुलस गई। जब तक लोग कुछ समझ पाते, आग से पूरा कमरा घिर गया। आग की लपटें देख आसपास के लोगों की भीड़ इकठ्ठा हो गई। बिजली होने के कारण आग पर पानी नहीं डाला जा सका। इससे आग फैलती चली गई। इसी बीच फायर ब्रिगेड भी पहुंच गई। फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी का पानी खत्म हो गया। इससे आग पर नियंत्रण पाना और मुश्किल हो गया। थोड़ी देर में दूसरी गाड़ी पहुंचने पर आग बुझाई गई। हालांकि तब तक सारी गृहस्थी जलकर राख हो चुकी थी। अपने ठिकाने को धूधू कर जलते देखकर परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। गृहस्वामी मूलचंद्र ने बताया कि कपड़ा, पैसा और गृहस्थी का सारा समान उसी में रखा हुआ था। राशन के लिए पांच हजार उधार लेकर घर में रखा पैसा भी जल गया। वहीं सिलाई मशीन, बक्से में भरे कपड़े, गैस सिलिंडर, राशन, पंखा, टीबी, चारपाई समेत गृहस्थी का सारा समान जलकर राख हो गया।
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ज्ञानपुर नगर के पुरानी देहाती निवासी मूलचंद्र यादव की पुत्री चंद्रा देवी (30) बृहस्पतिवार की सुबह स्टोव पर खाना बना रही थी। बगल में रखे गैस चूल्हेे को वह किसी काम के लिए निकाल रही थी। इसी बीच अचानक गैस का रिसाव होने से कमरे में आग लग गई। आग बुझाने के चक्कर में वह झुलस गई। जब तक लोग कुछ समझ पाते, आग से पूरा कमरा घिर गया। आग की लपटें देख आसपास के लोगों की भीड़ इकठ्ठा हो गई। बिजली होने के कारण आग पर पानी नहीं डाला जा सका। इससे आग फैलती चली गई। इसी बीच फायर ब्रिगेड भी पहुंच गई। फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी का पानी खत्म हो गया। इससे आग पर नियंत्रण पाना और मुश्किल हो गया। थोड़ी देर में दूसरी गाड़ी पहुंचने पर आग बुझाई गई। हालांकि तब तक सारी गृहस्थी जलकर राख हो चुकी थी। अपने ठिकाने को धूधू कर जलते देखकर परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। गृहस्वामी मूलचंद्र ने बताया कि कपड़ा, पैसा और गृहस्थी का सारा समान उसी में रखा हुआ था। राशन के लिए पांच हजार उधार लेकर घर में रखा पैसा भी जल गया। वहीं सिलाई मशीन, बक्से में भरे कपड़े, गैस सिलिंडर, राशन, पंखा, टीबी, चारपाई समेत गृहस्थी का सारा समान जलकर राख हो गया।
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