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अस्सी घाट से राणामहल तक जले दीप से दीप
Updated Sun, 05 Nov 2017 02:26 AM IST
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वाराणसी। देव दीपावली के अवसर पर अस्सी घाट से लेकर राणामहल घाट तक शनिवार को दीप से दीप जल उठे। घाटों का सौंदर्य निहारने और दीप जलाने के लिए लोगों का रेला भी घाटों की ओर उमड़ पड़ा। भीड़ का आलम यह था कि मुख्य सड़क के साथ ही सभी गलियां भी पूरी तरह से जाम हो गईं।
अस्सी घाट पर मां गंगा की आरती के पश्चात दीपदान का सिलसिला शुरू हुआ। किसी ने अल्पनाओं में दीपों को सजाया तो किसी ने स्वास्तिक को। सुपार्श्वनाथ की जन्मस्थली स्थित जैन घाटकों श्री भदैनी जी दिगंबर तीर्थ क्षेत्र की ओर से जैन घाट पर 51 सौ दीपों से प्रकाशित किया गया। महावीर के शांति संदेशों को जैन घाट पर दीपों से आलोकित किया गया। केदार घाट की छटा तो पीतल के दीयों से देदीप्यमान हो रही थी। गौरी केदारेश्वर देव दीपावली व साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गंगा सेवा समिति की ओर से शाम को केदार घाट पर पांच हजार पीतल के दीयों से रौशनी की गई।
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अस्सी घाट पर मां गंगा की आरती के पश्चात दीपदान का सिलसिला शुरू हुआ। किसी ने अल्पनाओं में दीपों को सजाया तो किसी ने स्वास्तिक को। सुपार्श्वनाथ की जन्मस्थली स्थित जैन घाटकों श्री भदैनी जी दिगंबर तीर्थ क्षेत्र की ओर से जैन घाट पर 51 सौ दीपों से प्रकाशित किया गया। महावीर के शांति संदेशों को जैन घाट पर दीपों से आलोकित किया गया। केदार घाट की छटा तो पीतल के दीयों से देदीप्यमान हो रही थी। गौरी केदारेश्वर देव दीपावली व साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गंगा सेवा समिति की ओर से शाम को केदार घाट पर पांच हजार पीतल के दीयों से रौशनी की गई।
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