{"_id":"5c02f109bdec2241be1de980","slug":"81543696649-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अफसरों में रार की उत्पादन पर ‘मार’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अफसरों में रार की उत्पादन पर ‘मार’
Updated Sun, 02 Dec 2018 02:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। आला अधिकारियों के बीच छिड़ी रार का असर डीजल रेल इंजन कारखाना (डीरेका) में रेल इंजनों के उत्पादन पर भी पड़ने लगा है। नवंबर में इलेक्ट्रिक व डीजल रेल इंजनों के उत्पादन में करीब 47 प्रतिशत की कमी आई है।
डीरेका महाप्रबंधक रश्मि गोयल के फरमान से डीरेका के अधिकारियों और कर्मचारियों में जबरदस्त नाराजगी है। इसका असर रेल इंजनों के उत्पादन पर भी पड़ने लगा। नवंबर में डीजल और इलेक्ट्रिक रेल इंजन मिलाकर 30 रेल इंजन बनाए जाने थे, लेकिन आपसी रार के चलते केवल 16 रेल इंजन (इलेक्ट्रिक और डीजल) ही बने जो निर्धारित लक्ष्य से 14 कम है। उत्पादन का यह आंकड़ा पुराने लक्ष्य के आधार पर है। अगर 400 इलेक्ट्रिक रेल इंजन के नए लक्ष्य के सापेक्ष इसे देखा जाए तो उत्पादन में जबरदस्त कमी आई है। इसका कारण अधिकारी, कर्मचारियों की नाराजगी को बताया जा रहा है। यही आलम रहा तो इलेक्ट्रिक रेल इंजन के पूर्व निर्धारित 175 इंजनों का निर्माण भी डीरेका के लिए टेढ़ी खीर साबित होगी।
विज्ञापन
डीरेका महाप्रबंधक रश्मि गोयल के फरमान से डीरेका के अधिकारियों और कर्मचारियों में जबरदस्त नाराजगी है। इसका असर रेल इंजनों के उत्पादन पर भी पड़ने लगा। नवंबर में डीजल और इलेक्ट्रिक रेल इंजन मिलाकर 30 रेल इंजन बनाए जाने थे, लेकिन आपसी रार के चलते केवल 16 रेल इंजन (इलेक्ट्रिक और डीजल) ही बने जो निर्धारित लक्ष्य से 14 कम है। उत्पादन का यह आंकड़ा पुराने लक्ष्य के आधार पर है। अगर 400 इलेक्ट्रिक रेल इंजन के नए लक्ष्य के सापेक्ष इसे देखा जाए तो उत्पादन में जबरदस्त कमी आई है। इसका कारण अधिकारी, कर्मचारियों की नाराजगी को बताया जा रहा है। यही आलम रहा तो इलेक्ट्रिक रेल इंजन के पूर्व निर्धारित 175 इंजनों का निर्माण भी डीरेका के लिए टेढ़ी खीर साबित होगी।
विज्ञापन