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डीरेका कर्मी के इकलौते बेटे ने फांसी लगाकर जान दी
Updated Fri, 20 Apr 2018 02:32 AM IST
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वाराणसी। डीरेका के कर्मचारी रामचंद्र प्रजापति के इकलौते बेटे अविनाश (31) का शव बुधवार की देर रात उनके घर के पीछे बाल उद्यान की रेलिंग के सहारे बेल्ट के फंदे से लटका मिला। परिजनों के अनुसार पहली पत्नी से तलाक और फिर शादी तय होने के बाद रद्द होने की वजह से अविनाश अवसाद ग्रस्त रहता था। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
प्रतापगढ़ जिले के जगदीशपुर अंतूपुर के मूल निवासी रामचंद्र डीरेका में एमसीएन पद पर तैनात हैं और डीरेका परिसर स्थित कर्मचारी आवास संख्या 756 ई में रहते हैं। बुधवार को रामचंद्र अपनी बेटी के साथ गांव गए हुए थे। रात में अविनाश घर पर आया तो मां अमरावती देवी ने उसे खाना खाने को कहा। पहले से ही नाराज अविनाश थाली और लोटा फेंकते हुए घर से बाहर निकल गया। काफी देर तक वापस नहीं आया तो अमरावती देवी रात 12 बजे के लगभग घर से बाहर निकलीं। मकान के पीछे उन्होंने देखा कि बाल उद्यान की चहारदीवारी के सहारे अविनाश खड़ा है तो उसे आवाज देने लगीं। बार-बार पुकारने के बाद भी अविनाश ने उत्तर नहीं दिया तो वो उसके नजदीक गईं और उनके मुंह से चीख निकल गईं। अमरावती देवी की चीख सुनकर पड़ोसी भाग कर मौके पर आए और सूचना पुलिस को दी गई।
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प्रतापगढ़ जिले के जगदीशपुर अंतूपुर के मूल निवासी रामचंद्र डीरेका में एमसीएन पद पर तैनात हैं और डीरेका परिसर स्थित कर्मचारी आवास संख्या 756 ई में रहते हैं। बुधवार को रामचंद्र अपनी बेटी के साथ गांव गए हुए थे। रात में अविनाश घर पर आया तो मां अमरावती देवी ने उसे खाना खाने को कहा। पहले से ही नाराज अविनाश थाली और लोटा फेंकते हुए घर से बाहर निकल गया। काफी देर तक वापस नहीं आया तो अमरावती देवी रात 12 बजे के लगभग घर से बाहर निकलीं। मकान के पीछे उन्होंने देखा कि बाल उद्यान की चहारदीवारी के सहारे अविनाश खड़ा है तो उसे आवाज देने लगीं। बार-बार पुकारने के बाद भी अविनाश ने उत्तर नहीं दिया तो वो उसके नजदीक गईं और उनके मुंह से चीख निकल गईं। अमरावती देवी की चीख सुनकर पड़ोसी भाग कर मौके पर आए और सूचना पुलिस को दी गई।
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