{"_id":"5a5130464f1c1b5c248b6c02","slug":"81515270214-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जलनिगम के सात और अभियंताओं पर गिरेगी गाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जलनिगम के सात और अभियंताओं पर गिरेगी गाज
Updated Sun, 07 Jan 2018 01:57 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। पुरानी काशी में पेयजल पाइप लाइन बिछाने में लापरवाही करने के मामले में सात और अभियंताओं की लापरवाही सामने आई है। इसमें सात सहायक अभियंता और शामिल हैं जो पाइप लाइन बिछाने के बाद उसे बिना कनेक्ट किए ही जैसे-तैसे छोड़ दिया गया था। बतादें शुक्रवार को मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में पेयजल का मुद्दा उठा था इसके बाद जल निगम के एमडी ने अधिकारियों पर नाराजगी जताई थी।
वर्ष 2010-15 के बीच पुरानी काशी के 41 जोन के 10 जोन में पाइप लाइन बिछाने के बाद उसे ठीक ही नहीं किया गया और अफसर भूल गए। इसमें बेनियाबाग, शिवाला, भदैनी, खोजवा का इलाका शामिल हैं। इस दौरान पाइप लाइन बिछाने में तीन अधीक्षण अभियंता, पांच अधिशासी अभियंता, 17 सहायक अभियंता और 12 जूनियर इंजीनियर शामिल हैं। जिन्होंने पाइप लाइन बिछाने के बाद अपना यहां से स्थानांतरण करा लिया या फिर विभाग की ओर से कर दिया गया।
जल निगम ने इन वर्षों के बीच तैनात अधिकारियों की सूची शासन को मुहैया करा दी है। जल निगम के सूत्रों की माने तो लापरवाह अफसरों में से पांच अधिकारियों को वाराणसी से संबद्ध भी कर दिया गया है। जल्द ही सभी अधिकारियों को संबद्ध कर उन्हीं से गड़बडि़यों को दूर कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
वर्ष 2010-15 के बीच पुरानी काशी के 41 जोन के 10 जोन में पाइप लाइन बिछाने के बाद उसे ठीक ही नहीं किया गया और अफसर भूल गए। इसमें बेनियाबाग, शिवाला, भदैनी, खोजवा का इलाका शामिल हैं। इस दौरान पाइप लाइन बिछाने में तीन अधीक्षण अभियंता, पांच अधिशासी अभियंता, 17 सहायक अभियंता और 12 जूनियर इंजीनियर शामिल हैं। जिन्होंने पाइप लाइन बिछाने के बाद अपना यहां से स्थानांतरण करा लिया या फिर विभाग की ओर से कर दिया गया।
विज्ञापन
जल निगम ने इन वर्षों के बीच तैनात अधिकारियों की सूची शासन को मुहैया करा दी है। जल निगम के सूत्रों की माने तो लापरवाह अफसरों में से पांच अधिकारियों को वाराणसी से संबद्ध भी कर दिया गया है। जल्द ही सभी अधिकारियों को संबद्ध कर उन्हीं से गड़बडि़यों को दूर कराया जाएगा।
विज्ञापन