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शिलापट्ट से प्रो. जीसी त्रिपाठी का नाम मिटाया
Updated Sat, 02 Dec 2017 02:54 AM IST
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वाराणसी। बीएचयू में अपने कुलपति के कार्यकाल के अंतिम दिन प्रो. जीसी त्रिपाठी द्वारा मजबूरी में अयोग्य लोगों को नियुक्त करने संबंधी बयान का मामला अभी गरम ही है कि इस बीच एक नया मामला सामने आ गया। यहां आईएमएस परिसर में लगी केएन उडप्पा की प्रतिमा के नीचे लगे शिलापट्ट से किसी ने प्रो. जीसी त्रिपाठी का नाम मिटा दिया है। सामने से ही आईएमएस निदेशक सहित विश्वविद्यालय के कई पदाधिकारी उधर से गुजरे लेकिन किसी की नजर इस ओर नहीं पड़ी।
आईएमएस मुख्य भवन के प्रवेश द्वार के सामने ही संस्थापक निदेशक केएन उडप्पा की प्रतिमा लगी है। इसका अनावरण तत्कालीन निदेशक प्रो. राणागोपाल सिंह की मौजूदगी में 28 मई 2015 को बतौर कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने किया था। शिलापट्ट पर कुलपति समेत कई लोगों के नाम भी दर्ज हैं। सुरक्षा के लिहाज से इसके चारों ओर लोहे की जाली लगाई गई है। सूत्रों की मानें तो किसी ने गुरुवार रात शिलापट्ट से कुलपति का नाम मिटा दिया है।
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आईएमएस मुख्य भवन के प्रवेश द्वार के सामने ही संस्थापक निदेशक केएन उडप्पा की प्रतिमा लगी है। इसका अनावरण तत्कालीन निदेशक प्रो. राणागोपाल सिंह की मौजूदगी में 28 मई 2015 को बतौर कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने किया था। शिलापट्ट पर कुलपति समेत कई लोगों के नाम भी दर्ज हैं। सुरक्षा के लिहाज से इसके चारों ओर लोहे की जाली लगाई गई है। सूत्रों की मानें तो किसी ने गुरुवार रात शिलापट्ट से कुलपति का नाम मिटा दिया है।
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