{"_id":"59c02da44f1c1b1e688b54ac","slug":"81505766820-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अगले साल तक मालवीय कैंसर सेंटर की सौगात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अगले साल तक मालवीय कैंसर सेंटर की सौगात
Updated Tue, 19 Sep 2017 02:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। कैंसर जैसे गंभीर बीमारीे से जूझ रहे मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार की पहल पर बीएचयू में ‘पं. मदन मोहन मालवीय कैंसर सेंटर’ बनेगा। इसके लिए हाल ही में नई दिल्ली में टाटा मेमोरियल, आईएमएस बीएचयू और टाटा ट्रस्ट के बीच समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस सेंटर में न केवल अलग-अलग प्रकार के कैंसर की पहचान हो सकेगी बल्कि ऐसे मरीजों का बेहतर इलाज भी होगा। 650 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह सेंटर अगले साल दिसंबर तक तैयार हो जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि काशी प्रवास के दौरान पीएम इस प्रोजेक्ट के बारे में भी जानकारी ले सकते हैं।
शहर में रेलवे कैंसर संस्थान के अलावा और कोई इस तरह का संस्थान न होने से बनारस समेत पूर्वांचल के मरीजों को मुंबई-दिल्ली के चक्कर काटने पड़ते हैं। बीएचयू में इस केंद्र के बन जाने से करीब 40 लाख की आबादी कवर होगी। कैंसर मरीजों के पंजीकरण के लिए छह लोगों की टीम तैयार कर उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। एक रिपोर्ट के मुताबिक पूर्वांचल में पित्त की थैली में पथरी और इसके कैंसर के मरीज अधिक मिलते हैं। इसको देखते हुए टाटा मेमोरियल सेंटर ने बनारस, लखनऊ और असोम के अधिकारियों का एक पैनल बनाकर इस बीमारी पर खास फोकस किया है। समझौते के मुताबिक टाटा मेमोरियल ट्रस्ट सेंटर का भवन बनवाएगा, साथ ही सभी जरूरी उपकरण भी मुहैया कराएगा। टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल की ओर से मार्च 2018 तक इसे शुरू करा दिया जाएगा। इसमें रेलवे कैंसर संस्थान और बीएचयू के विशेषज्ञों का पैनल अपनी सेवाएं देगा। टाटा मेमोरियल सेंटर ने 15 से अधिक कैंसर विशेषज्ञों को चिह्नित भी कर लिया है। 50 से अधिक पैरामेडिकल स्टाफ को भी प्रशिक्षित किया जा रहा है।
विज्ञापन
शहर में रेलवे कैंसर संस्थान के अलावा और कोई इस तरह का संस्थान न होने से बनारस समेत पूर्वांचल के मरीजों को मुंबई-दिल्ली के चक्कर काटने पड़ते हैं। बीएचयू में इस केंद्र के बन जाने से करीब 40 लाख की आबादी कवर होगी। कैंसर मरीजों के पंजीकरण के लिए छह लोगों की टीम तैयार कर उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। एक रिपोर्ट के मुताबिक पूर्वांचल में पित्त की थैली में पथरी और इसके कैंसर के मरीज अधिक मिलते हैं। इसको देखते हुए टाटा मेमोरियल सेंटर ने बनारस, लखनऊ और असोम के अधिकारियों का एक पैनल बनाकर इस बीमारी पर खास फोकस किया है। समझौते के मुताबिक टाटा मेमोरियल ट्रस्ट सेंटर का भवन बनवाएगा, साथ ही सभी जरूरी उपकरण भी मुहैया कराएगा। टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल की ओर से मार्च 2018 तक इसे शुरू करा दिया जाएगा। इसमें रेलवे कैंसर संस्थान और बीएचयू के विशेषज्ञों का पैनल अपनी सेवाएं देगा। टाटा मेमोरियल सेंटर ने 15 से अधिक कैंसर विशेषज्ञों को चिह्नित भी कर लिया है। 50 से अधिक पैरामेडिकल स्टाफ को भी प्रशिक्षित किया जा रहा है।
विज्ञापन