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पीएम के आदर्श गांव से उठी शराबबंदी की मांग
Updated Sun, 09 Jul 2017 02:07 AM IST
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मिर्जामुराद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदर्श गांव नागेपुर से शनिवार को प्रदेश में पूर्ण रूप से शराबबंदी की मांग उठी। गांव की महिलाओं ने आजमगढ़ में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों पर अफसोस जताते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार से बिहार की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की। महिलाओं ने लोगों को जागरूक करने के लिए गांव में रैली निकाली और धरना प्रदर्शन भी किया।
नागेपुर में लोक समिति के तत्वाधान में प्रदेश में शराब बंदी की मांग को लेकर शनिवार को गांव की महिलाएं सड़क पर उतरीं। हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां और बैनर लिए महिलाएं शराब पीना बंद करो, शराब बेचना बंद करो..., शराब माफिया होश में आओ..., शराब भगाओ प्रदेश बचाओ... जैसे नारे लगाते हुए बस्तियों में भ्रमण कर नंदघर पहुंची। यहां महिलाओं ने धरना प्रदर्शन कर शराब बिक्री के खिलाफ आवाज बुलंद की। गांव के लोगों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से शराब बिक्री बंद करने की मांग की। महिलाओं कहना था कि प्रदेश में शराब माफि या लोगों को जहरीली शराब पिलाकर मार रहे हैं। दिन ब दिन समाज में नशेड़ियों की संख्या बढ़ती जा रही है, जिसका खामियाजा महिलाओं और बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, बलात्कार, मारपीट जैसी घटनाओं के लिए सबसे ज्यादा शराब जिम्मेदार है। आजमगढ़ में शराब पीने से जो लोग मरे हैं, उनके परिवार वालों को मुआवजा और आश्रित महिलाओं को सरकारी नौकरी देन की भी मांग उठाई। लोक समिति के संयोजक नंदलाल मास्टर ने कहा है कि प्रदेश में शराबबंदी के लिए गांव-गांव अभियान चलाया जाएगा। धरने में अनीता, नाजमा, सरिता, सोनी, मधुबाला, शबनम, विद्या, पंचमुखी, अमित, श्यामसुन्दर, विजय, सुनील, सुरेश, मनीष, सुमन भारती, गुंजा, अनीता, सुनीता, उषा, सोनी और प्रदीप कुमार आदि शामिल थे।
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नागेपुर में लोक समिति के तत्वाधान में प्रदेश में शराब बंदी की मांग को लेकर शनिवार को गांव की महिलाएं सड़क पर उतरीं। हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां और बैनर लिए महिलाएं शराब पीना बंद करो, शराब बेचना बंद करो..., शराब माफिया होश में आओ..., शराब भगाओ प्रदेश बचाओ... जैसे नारे लगाते हुए बस्तियों में भ्रमण कर नंदघर पहुंची। यहां महिलाओं ने धरना प्रदर्शन कर शराब बिक्री के खिलाफ आवाज बुलंद की। गांव के लोगों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से शराब बिक्री बंद करने की मांग की। महिलाओं कहना था कि प्रदेश में शराब माफि या लोगों को जहरीली शराब पिलाकर मार रहे हैं। दिन ब दिन समाज में नशेड़ियों की संख्या बढ़ती जा रही है, जिसका खामियाजा महिलाओं और बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, बलात्कार, मारपीट जैसी घटनाओं के लिए सबसे ज्यादा शराब जिम्मेदार है। आजमगढ़ में शराब पीने से जो लोग मरे हैं, उनके परिवार वालों को मुआवजा और आश्रित महिलाओं को सरकारी नौकरी देन की भी मांग उठाई। लोक समिति के संयोजक नंदलाल मास्टर ने कहा है कि प्रदेश में शराबबंदी के लिए गांव-गांव अभियान चलाया जाएगा। धरने में अनीता, नाजमा, सरिता, सोनी, मधुबाला, शबनम, विद्या, पंचमुखी, अमित, श्यामसुन्दर, विजय, सुनील, सुरेश, मनीष, सुमन भारती, गुंजा, अनीता, सुनीता, उषा, सोनी और प्रदीप कुमार आदि शामिल थे।
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