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कैटल कॉलोनी प्रकरण में नगर आयुक्त को हाईकोर्ट में तलब
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प्रयागराज/वाराणसी। अलग कॉलोनी बनाकर पशुओं को शहर से बाहर करने के आदेश का पालन नहीं होने पर हाईकोर्ट ने वाराणसी और मेरठ के नगर आयुक्तों को तलब कर लिया है। कोर्ट ने नगर आयुक्त वाराणसी आशुतोष द्विवेदी और नगर आयुक्त मेरठ मनोज कुमार चौहान को 16 अप्रैल को अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। इसके पहले हाईकोर्ट ने नगर आयुक्त को पांच अप्रैल को तलब किया था।
इस मामले को लेकर विजय कुमार चौधरी ने जनहित याचिका दाखिल की है। याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की पीठ में से एक न्यायाधीश ने स्वयं को सुनवाई से अलग कर लिया है, इसलिए सोमवार को इस मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। नई पीठ नामित होने पर 16 अप्रैल को सुनवाई होगी। हाईकोर्ट ने 1998 में सचिव नगर विकास को आदेश दिया था कि वह सभी नगर निगमों और आवास विकास परिषदों को आदेश जारी कर शहर से बाहर कैटल कॉलोनी बनाने के लिए कहें। इस आदेश का पालन कराने के लिए दोबारा जनहित याचिका दाखिल की गई। इससे पहले की सुनवाई में भी हाईकोर्ट ने दोनों अधिकारियोें को तलब किया था, जिसमें वह लोग उपस्थित हुए थे। याचिका में कहा गया कि कैटल कॉलोनी न होने से दुग्ध विक्रेता और अन्य लोग पशुओं को शहर में ही रखते हैं, जिससे यातायात की गंभीर समस्या पैदा होती है।
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इस मामले को लेकर विजय कुमार चौधरी ने जनहित याचिका दाखिल की है। याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की पीठ में से एक न्यायाधीश ने स्वयं को सुनवाई से अलग कर लिया है, इसलिए सोमवार को इस मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। नई पीठ नामित होने पर 16 अप्रैल को सुनवाई होगी। हाईकोर्ट ने 1998 में सचिव नगर विकास को आदेश दिया था कि वह सभी नगर निगमों और आवास विकास परिषदों को आदेश जारी कर शहर से बाहर कैटल कॉलोनी बनाने के लिए कहें। इस आदेश का पालन कराने के लिए दोबारा जनहित याचिका दाखिल की गई। इससे पहले की सुनवाई में भी हाईकोर्ट ने दोनों अधिकारियोें को तलब किया था, जिसमें वह लोग उपस्थित हुए थे। याचिका में कहा गया कि कैटल कॉलोनी न होने से दुग्ध विक्रेता और अन्य लोग पशुओं को शहर में ही रखते हैं, जिससे यातायात की गंभीर समस्या पैदा होती है।
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