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अस्पतालों में बुखार के मरीज बढ़े, वार्ड फुल
Updated Wed, 31 Oct 2018 02:16 AM IST
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वाराणसी। मौसमी बीमारियों और बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अस्पतालों के वार्ड मरीजों से भरे पड़े हैं। हालत यह है कि सर्जिकल वार्ड से लेकर हड्डी रोग आदि के वार्डों में बुखार वाले मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। उधर, डेंगू वार्ड भी फुल चल रहा है।
मौसम में पिछले पंद्रह दिन से बदलाव दिख रहा है। दिन में तेज धूप से गर्मी और फिर शाम को हल्की ठंड शुरू हो गई है। अस्पतालों में सर्दी, खांसी, बुखार, नाक, गले में संक्रमण के मरीज अधिक पहुंच रहे हैं। जांच के बाद प्लेटलेट्स कम होने के बाद मरीज और उनके परिजन डेंगू की आशंका को लेकर घबरा रहे हैं, लेकिन चिकित्सकों की ओर से प्लेटलेट्स कम होना मतलब डेंगू न होना बताया जा रहा है। बीएचयू अस्पताल की बात करें तो बुखार और डेंगू के मरीजों के लिए अलग वार्ड तो बनाए गए हैं लेकिन गंभीर मरीजों को जरूरत पड़ने पर आईसीयू में बेड न मिलने की समस्या बनी है। यहां से जब बेड नहीं मिल पा रहा है तो मरीजों के परिजन मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा पहुंच रहे हैं। बीएचयू अस्प्ताल में बुखार के भर्ती 21 मरीजों का इलाज चल रहा है, इसमें तीन में डेंगू की संभावना जबकि दो में डेंगू की पुष्टि हुई है। इधर 316 बेड वाले मंडलीय अस्पताल में भी मरीज भरे पड़े हैं। इमरजेंसी फुल होने के बाद बुखार के मरीजों को सर्जिकल वार्ड, हड्डी रोग के मरीजों के लिए बने पांच नबर वार्ड सहित अन्य वार्डों में भी बुखार के मरीज भर्ती किए जा रहे हैं।
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मौसम में पिछले पंद्रह दिन से बदलाव दिख रहा है। दिन में तेज धूप से गर्मी और फिर शाम को हल्की ठंड शुरू हो गई है। अस्पतालों में सर्दी, खांसी, बुखार, नाक, गले में संक्रमण के मरीज अधिक पहुंच रहे हैं। जांच के बाद प्लेटलेट्स कम होने के बाद मरीज और उनके परिजन डेंगू की आशंका को लेकर घबरा रहे हैं, लेकिन चिकित्सकों की ओर से प्लेटलेट्स कम होना मतलब डेंगू न होना बताया जा रहा है। बीएचयू अस्पताल की बात करें तो बुखार और डेंगू के मरीजों के लिए अलग वार्ड तो बनाए गए हैं लेकिन गंभीर मरीजों को जरूरत पड़ने पर आईसीयू में बेड न मिलने की समस्या बनी है। यहां से जब बेड नहीं मिल पा रहा है तो मरीजों के परिजन मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा पहुंच रहे हैं। बीएचयू अस्प्ताल में बुखार के भर्ती 21 मरीजों का इलाज चल रहा है, इसमें तीन में डेंगू की संभावना जबकि दो में डेंगू की पुष्टि हुई है। इधर 316 बेड वाले मंडलीय अस्पताल में भी मरीज भरे पड़े हैं। इमरजेंसी फुल होने के बाद बुखार के मरीजों को सर्जिकल वार्ड, हड्डी रोग के मरीजों के लिए बने पांच नबर वार्ड सहित अन्य वार्डों में भी बुखार के मरीज भर्ती किए जा रहे हैं।
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