{"_id":"5b43ce3e4f1c1b3d5e8b4a69","slug":"71531170366-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उपवास का 108वां घंटा, मिलने पहुंचे एडीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उपवास का 108वां घंटा, मिलने पहुंचे एडीएम
Updated Tue, 10 Jul 2018 02:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। मंदिर बचाओ आन्दोलनम में पिछले 108 घंटे से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती उपवास पर बैठे हैं। सोमवार को डीएम के प्रतिनिधि के रूप में एडीएम पहुंचे और उन्होंने स्वामी जी वार्ता की और अपना आन्दोलनम समाप्तकरने को कहा । इस पर उन्होंने अपनी मांगाकं को पूरा करने की मांग की।
मंदिरों में तोड़फोड़ और विग्रह को अपमानिकत करने सति कई अन्य मांगों को लेकर अविमुक्तेश्वरा नन्द आन्दोलनम के तहत पिछले 108 घेटे से उपवास पर बैठे हैं। उनका कहना है कि विकास के नाम पर धर्म से खिलवाड़ किया जा रहा है, जो सही नहीं है। इस आन्दोलन को समाप्त कराने के लिए ही सोमवार को एडीएम सिटी स्वामि अविमुक्तेश्वरा नन्द से मिले और आन्दोलन समाप्त करने को कहा। इस दौरान स्वामी अविमक्तेश्वरानन्द ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हम सरकार के किसी योजना के विरोधी नहीं हैं। सरकारें जनता के हित में ही कोई योजना लाती है । हमारा विरोध सिर्फ इतना है कि किसी भी विग्रह और मन्दिरों को अपमानित ना किया जाए, अपूजित ना रखा जाए, उनके स्थान से उन्हें ना हटाया जाए । इतना सुरक्षित रखते हुए यदि कोरिडोर का निर्माण हो तो हमें कोई आपत्ति नहीं है। इस पर एडीएम ने कहा कि डीएम के माध्यम से सरकार तक पहुंचाई जाएगी।
विज्ञापन
मंदिरों में तोड़फोड़ और विग्रह को अपमानिकत करने सति कई अन्य मांगों को लेकर अविमुक्तेश्वरा नन्द आन्दोलनम के तहत पिछले 108 घेटे से उपवास पर बैठे हैं। उनका कहना है कि विकास के नाम पर धर्म से खिलवाड़ किया जा रहा है, जो सही नहीं है। इस आन्दोलन को समाप्त कराने के लिए ही सोमवार को एडीएम सिटी स्वामि अविमुक्तेश्वरा नन्द से मिले और आन्दोलन समाप्त करने को कहा। इस दौरान स्वामी अविमक्तेश्वरानन्द ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हम सरकार के किसी योजना के विरोधी नहीं हैं। सरकारें जनता के हित में ही कोई योजना लाती है । हमारा विरोध सिर्फ इतना है कि किसी भी विग्रह और मन्दिरों को अपमानित ना किया जाए, अपूजित ना रखा जाए, उनके स्थान से उन्हें ना हटाया जाए । इतना सुरक्षित रखते हुए यदि कोरिडोर का निर्माण हो तो हमें कोई आपत्ति नहीं है। इस पर एडीएम ने कहा कि डीएम के माध्यम से सरकार तक पहुंचाई जाएगी।
विज्ञापन