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शाम से लेकर रात तक थमी रहीं अफसरों की सांसें0
Updated Sun, 20 May 2018 02:08 AM IST
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वाराणसी। फ्लाईओवर हादसे के पांच दिन बाद शहर की निर्माणाधीन परियोजनाओं का निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर अधिकारियों की सांसें थमीं रहीं। निर्माणधीन परियोजनाओं पर सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशासनिक महकमा सहमा हुआ था। सुबह से ही संभावित अधिकारियों का काफिला लगातार निर्माणाधीन परियोजनाओं की जांच करते रहे और वहां की खामियों को दुरुस्त कराने में जुटे रहे। मुख्यमंत्री के शहर में आगमन से पहले ही संभावित स्थलों पर भारी पुलिस बल के साथ मजिस्ट्रेट तैनात कर दिए गए। जैसे जैसे समय बीत रहा था अधिकारियों की धड़कनें बढ़ती जा रही थीं। मुख्यमंत्री के निरीक्षण के बाद अफसरों ने राहत की सांस ली।
हादसे के बाद मुख्यमंत्री ने तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई और 48 घंटे में रिपोर्ट भी उन्हें मिल गई। रिपोर्ट में सेतु निगम के साथ ही प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाया गया है और अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया गया है। एक सप्ताह में मुख्यमंत्री के दोबारा शहर पहुंचने की सूचना के बाद से ही प्रशासनिक अधिकारियों को कार्रवाई का डर सताने लगा है। कारण, फ्लाईओवर हादसे के तत्काल बाद बनारस पहुंचे मुख्यमंत्री ने सख्त कार्रवाई का संकेत दिया था। इसके बाद सेतु निगम के आधा दर्जन अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई भी हुई।
यही कारण है कि मुख्यमंत्री के आगमन की सूचना के बाद से ही निर्माणाधीन परियोजनाओं पर सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशासन गंभीर हो गया था। शाम को मुख्यमंत्री के वाराणसी पहुंचने से पहले ही संभावित निरीक्षण स्थलों पर पुख्ता इंतजाम किए गए। वहां सुरक्षा मानकों को लेकर खामियों को आनन फानन में दुरुस्त कराया गया। जिलाधिकारी ने दो दिन पहले सभी विभागों के साथ बैठक कर जनता की सुरक्षा और संरक्षा के लिए किए जा रहे उपायोें की कार्ययोजना मांगी थी। ज्यादातर विभागों ने अपनी कार्ययोजना दी है, जिसे रविवार की बैठक में मुख्यमंत्री के सामने रखा जाएगा। देर रात मुख्यमंत्री के सर्किट हाउस वापस आने पर अधिकारी सामान्य हुए।
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हादसे के बाद मुख्यमंत्री ने तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई और 48 घंटे में रिपोर्ट भी उन्हें मिल गई। रिपोर्ट में सेतु निगम के साथ ही प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाया गया है और अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया गया है। एक सप्ताह में मुख्यमंत्री के दोबारा शहर पहुंचने की सूचना के बाद से ही प्रशासनिक अधिकारियों को कार्रवाई का डर सताने लगा है। कारण, फ्लाईओवर हादसे के तत्काल बाद बनारस पहुंचे मुख्यमंत्री ने सख्त कार्रवाई का संकेत दिया था। इसके बाद सेतु निगम के आधा दर्जन अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई भी हुई।
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यही कारण है कि मुख्यमंत्री के आगमन की सूचना के बाद से ही निर्माणाधीन परियोजनाओं पर सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशासन गंभीर हो गया था। शाम को मुख्यमंत्री के वाराणसी पहुंचने से पहले ही संभावित निरीक्षण स्थलों पर पुख्ता इंतजाम किए गए। वहां सुरक्षा मानकों को लेकर खामियों को आनन फानन में दुरुस्त कराया गया। जिलाधिकारी ने दो दिन पहले सभी विभागों के साथ बैठक कर जनता की सुरक्षा और संरक्षा के लिए किए जा रहे उपायोें की कार्ययोजना मांगी थी। ज्यादातर विभागों ने अपनी कार्ययोजना दी है, जिसे रविवार की बैठक में मुख्यमंत्री के सामने रखा जाएगा। देर रात मुख्यमंत्री के सर्किट हाउस वापस आने पर अधिकारी सामान्य हुए।
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