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चौथे दिन बहाल हुई सौ गांवों की बिजली
Updated Wed, 11 Apr 2018 01:12 AM IST
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सीतामढ़ी। सीतामढ़ी और सेमराध उपकेंद्रों से जुड़ी सौ गांवों की बिजली मंगलवार को चौथे दिन बहाल हो गई। बिजली विभाग के कर्मचारियों की लंबी मशक्कत के बाद ट्रॉली को रिपेयर कर शाम पांच बजे बिजली आपूर्ति शुरू की गई। इससे चार दिन से बिन बिजली जूझ रहे ग्रामीणों को थोड़ी राहत मिली। हालांकि इस सबके बाद भी लोकल फॉल्ट के चलते कुछ स्थानों पर बिजली आपूर्ति बाधित रही।
सीतामढ़ी और सेमराध से जुड़े लगभग सौ गांवों की बिजली आपूर्ति शनिवार को आई आंधी-बारिश के बाद तार-पोल टूटने के चलते चरमरा गई थी। सेमराध उपकेंद्र में 33 केवी लाइन में गड़बड़ी आने से स्वयंभू सेमराधनाथ धाम समेत इलाके के तमाम महत्वपूर्ण स्थलों की बिजली गुल हो गई थी। रविवार को फॉल्ट मरम्मत के बाद बारीपुर फीडर की बिजली जोड़ते समय उपकेंद्र की ट्रॉली में विस्फोट हो गया। इससे एसएसओ झुलस गया। इसके बाद फिर बिजली आपूर्ति ठप हो गई। सोमवार को नाराज ग्रामीणों ने उपकेंद्र पर पहुंचकर बिजली विभाग की कार्यप्रणाली के खिलाफ रोष जताते हुए प्रदर्शन किया। तीन दिन तक लगातार बिजली न रहने से लोग पेयजल संकट से जूझने लगे थे। इस समस्या को अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद विभाग की तंद्रा टूटी। मंगलवार को एसडीओ केके गुप्ता और जेई राम नारायण यादव सीतामढ़ी उपकेंद्र पर पहुंच गए और पूरे दिन गड़बड़ी ठीक करने का काम चला। उपकेंद्र की पुरानी ट्रॉली कंडम हो जाने के कारण एक अन्य पुरानी ट्रॉली को रिपेयर कर आपूर्ति बहाल की गई। इसके लिए इलाहाबाद के नैनी से सीमेंस कंपनी का मिस्त्री बुलाया गया था। उधर सेमराध उपकेंद्र से जुड़े गांवों की बिजली फॉल्ट मरम्मत कर दोपहर 12 बजे के आसपास बहाल कर दी गई। एसडीओ ने कहा कि समस्या को दुरुस्त कर आपूर्ति चालू करा दी गई है।
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सीतामढ़ी और सेमराध से जुड़े लगभग सौ गांवों की बिजली आपूर्ति शनिवार को आई आंधी-बारिश के बाद तार-पोल टूटने के चलते चरमरा गई थी। सेमराध उपकेंद्र में 33 केवी लाइन में गड़बड़ी आने से स्वयंभू सेमराधनाथ धाम समेत इलाके के तमाम महत्वपूर्ण स्थलों की बिजली गुल हो गई थी। रविवार को फॉल्ट मरम्मत के बाद बारीपुर फीडर की बिजली जोड़ते समय उपकेंद्र की ट्रॉली में विस्फोट हो गया। इससे एसएसओ झुलस गया। इसके बाद फिर बिजली आपूर्ति ठप हो गई। सोमवार को नाराज ग्रामीणों ने उपकेंद्र पर पहुंचकर बिजली विभाग की कार्यप्रणाली के खिलाफ रोष जताते हुए प्रदर्शन किया। तीन दिन तक लगातार बिजली न रहने से लोग पेयजल संकट से जूझने लगे थे। इस समस्या को अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद विभाग की तंद्रा टूटी। मंगलवार को एसडीओ केके गुप्ता और जेई राम नारायण यादव सीतामढ़ी उपकेंद्र पर पहुंच गए और पूरे दिन गड़बड़ी ठीक करने का काम चला। उपकेंद्र की पुरानी ट्रॉली कंडम हो जाने के कारण एक अन्य पुरानी ट्रॉली को रिपेयर कर आपूर्ति बहाल की गई। इसके लिए इलाहाबाद के नैनी से सीमेंस कंपनी का मिस्त्री बुलाया गया था। उधर सेमराध उपकेंद्र से जुड़े गांवों की बिजली फॉल्ट मरम्मत कर दोपहर 12 बजे के आसपास बहाल कर दी गई। एसडीओ ने कहा कि समस्या को दुरुस्त कर आपूर्ति चालू करा दी गई है।
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