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हक के लिए बुलंद की आवाज
Updated Wed, 28 Mar 2018 01:24 AM IST
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भदोही। यूनाइटेड फोरम आफ आरआरबी यूनियंस के आह्वान पर काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक के कर्मचारियों ने मंगलवार को कार्य बहिष्कार कर आवाज बुलंद की। चौरी रोड स्थित शाखा के बाहर जुटे कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर धरना दिया। जिला अध्यक्ष निशांत सिंह ने कहा कि हमारी मांगें उचित है लेकिन सरकारी उपेक्षा के चलते लंबित हैं। कहा कि अधिकारी और कर्मचारी उत्पीड़न के शिकार हो रहे हैं। इसके विरोध में तीन दिन तक कर्मचारी हड़ताल में रहेंगे।
धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना था कि केंद्र सरकार कर्मचारियों पर दबाव बनाकर गैर बैंकिंग उत्पाद बेचवा रही है। इससे हमारा मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न हो रहा है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। केंद्र सरकार अपने सभी कर्मचारियों को पेंशन देती है लेकिन ग्रामीण बैंक कर्मियों को पेंशन नहीं मिलती। ग्रामीण बैंकों को भी निजी हाथों में सौंपने का कुचक्र रचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक बैंकों में अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति की व्यवस्था लागू तो ग्रामीण बैंकों में क्यों नहीं? हम लोगों के साथ दोहरा बर्ताव किया जा रहा है। कहा गया कि अस्थाई कर्मियों से पूरा काम लिया जाता है लेकिन वेतन इतना कम मिलता है, जिससे परिवार का पालन मुश्किल से होता है। धरना देने वालों में जयप्रकाश, रचित मेहरोत्रा, मनोज कुमार, हरीश चंद्र, अमित सोनी, देवेंद्र, उपेंद्र कुमार, राजेश कुमार, ह्रदय लाल, केएन राय, सुधीर कुमार, रामाज्ञा त्रिपाठी आदि रहे।
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धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना था कि केंद्र सरकार कर्मचारियों पर दबाव बनाकर गैर बैंकिंग उत्पाद बेचवा रही है। इससे हमारा मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न हो रहा है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। केंद्र सरकार अपने सभी कर्मचारियों को पेंशन देती है लेकिन ग्रामीण बैंक कर्मियों को पेंशन नहीं मिलती। ग्रामीण बैंकों को भी निजी हाथों में सौंपने का कुचक्र रचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक बैंकों में अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति की व्यवस्था लागू तो ग्रामीण बैंकों में क्यों नहीं? हम लोगों के साथ दोहरा बर्ताव किया जा रहा है। कहा गया कि अस्थाई कर्मियों से पूरा काम लिया जाता है लेकिन वेतन इतना कम मिलता है, जिससे परिवार का पालन मुश्किल से होता है। धरना देने वालों में जयप्रकाश, रचित मेहरोत्रा, मनोज कुमार, हरीश चंद्र, अमित सोनी, देवेंद्र, उपेंद्र कुमार, राजेश कुमार, ह्रदय लाल, केएन राय, सुधीर कुमार, रामाज्ञा त्रिपाठी आदि रहे।
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